भोपाल, 22 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी में शुक्रवार को एक सिरफिरे जिम ट्रेनर ने एकतरफा प्यार में अपनी सहकर्मी पर तेजाब फेंक दिया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई, युवती की हालत गंभीर है। इस घटना को अंजाम देकर आरोपी ने खुद को चाकू से खत्म कर लिया।
वहीं लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और एक अन्य को लाइन हाजिर किया गया है।
पुलिस अधीक्षक अरविंद सक्सेना ने आईएएनएस को बताया कि शुक्रवार की सुबह रेनू (22) नाम की युवती स्कूटी से जा रही थी, तभी उसे जिम ट्रेनर संजय पाटिल (45) ने रोका और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी ने युवती पर तेजाब फेंक दिया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। युवती पर फेंका गया तेजाब कौन-सा था, पुलिस इसकी जांच कर रही है। इस बीच आरोपी ने खुद को चाकू मारकर आत्महत्या कर ली।
सक्सेना ने बताया कि युवती पर तेजाब फेंकने के बाद आरोपी ने खुद पर चाकू से कई प्रहार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई है। उसके शव को पोस्टर्माटम के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया है।
पीड़ित युवती होश में है, उसने संवाददाताओं को बताया कि वह शुक्रवार की सुबह रोज की तरह जिम जा रही थी, तभी अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में संजय पाटिल ने उसके साथ साथ छेड़छाड़ व मारपीट की और बाद में उस पर तेजाब फेंक दिया। युवती निकटवर्ती थाने पहुंची, लेकिन पुलिस ने दूसरे थाने का मामला होने की बात कहकर सहयोग करने से इनकार कर दिया।
युवती का कहना है कि संजय उसे काफी समय से परेशान कर रहा था, इसकी शिकायत वह पुलिस में पहले भी कर चुकी थी, मगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस घटना के लिए वह पुलिस को जिम्मेदार मानती है।
पुलिस अधीक्षक सक्सेना का कहना है कि वह इस बात का पता करेंगे कि युवती ने पहले शिकायत की थी, तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
पीड़ित युवती के सहकर्मी अमोल ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तेजाब फेंके जाने के बाद रेनू ने उन्हें फोन किया था, वह मौके पर पहुंचे और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने लगे तो पुलिस ने ऐसा करने से रोका, पुलिसकर्मी कह रहे थे कि युवती को पहले थाने ले चलो, ताकि कानूनी प्रकिया पूरी हो सके। उन्होंने पुलिसकर्मी से लड़-झगड़ कर युवती को एक निजी अस्पताल पहुंचाया।
भोपाल के पुलिस उप महानिरीक्षक रमन सिंह सिकरवार ने इस घटना में प्रथम दृष्टया तीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही पाई है। उन्हें पता चला कि पीड़िता ने 17 मई को बजरिया थाने में शिकायत की थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिकरवार ने बताया कि इस मामले में अशोका गार्डन के उपनिरीक्षक रूप सिंह ठाकुर व बजरिया थाने के उपनिरीक्षक महिपाल सिंह धुर्वे को निलंबित कर दिया गया है और बजरिया के थाना प्रभारी एम.के. मालवीय को लाइन हाजिर (लाइन अटैच) कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना को गंभीरता से लिया है, वह स्वयं निजी अस्पताल पहुंचे और युवती के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि युवती के चेहरे पर जख्म है, उसके इलाज की पूरी व्यवस्था की जाएगी और इलाज पर आने वाला खर्च सरकार वहन करेगी।
वहीं अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि युवती 50 से 55 प्रतिशत तक झुलस गई है, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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