उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मध्यप्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश को पानी नहीं देती है तो वह भी मध्य प्रदेश को जाने वाले पानी पर रोक लगा देंगे। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती, दोनों उत्तर प्रदेश के सांसद हैं, इसके बावजूद राज्य की अनदेखी की जा रही है।
शिवपाल ने तीन राज्यों (मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश) की संयुक्त लागत से तैयार हो रही बाणसागर बांध परियोजना पर मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया वह कि भारत सरकार के निर्देशों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि हिसाब दिए बगैर ही मध्य प्रदेश सरकार इस बांध परियोजना की लागत लगातार बढ़ाती चली जा रही है।
पार्टी मुख्यालय पर शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में शिवपाल ने कहा कि विडंबना यह भी है कि लगभग 2800 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद अभी तक एक बूंद पानी उत्तर प्रदेश को नहीं भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिव (सिंचाई) ने जानबूझकर उत्तर प्रदेश को बांध का पानी भेजने से रुकवा दिया है।
उन्होंने कहा कि यदि मध्यप्रदेश सरकार ने सूबे को पानी नहीं भेजा तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने चेतावदी दी कि मजबूरन उत्तर प्रदेश भी मध्य प्रदेश को दिए जाने वाले पानी को रोक देगा।
शिवपाल यादव ने कहा, “1980 में बागसागर बांध परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। बांध से मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश को क्रमश: 50 और 25-25 प्रतिशत के अनुपात में पानी मिलना था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसका उद्घाटन किया गया था और उस समय इसकी लागत 1200 करोड़ रुपये थी।”
मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में इसकी लागत को लेकर कुछ विवाद हुआ तो भारत सरकार ने इसकी लागत 1590 करोड़ रुपये निर्धारित कर दी और कहा कि इससे ज्यादा धन इस परियोजना पर खर्च नहीं होगा। बावजूद इसके कुछ समय बाद मध्य प्रदेश ने इसकी लागत 1900 करोड़ रुपये कर दी।
उन्होंने बताया कि अभी तक इस बांध पर कुल 2800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 2012 में प्रदेश में सपा सरकार बनने के समय लगभग 2600 करोड़ रुपये बांध पर खर्च हो चुके थे।
मंत्री ने कहा, “जब हम वहां गए तो देखा कि कोई पुल ही नहीं बना है। हमने अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेकर स्वयं पुल बनवाया। बकौल शिवराज उत्तर प्रदेश ने इस परियोजना में अपने हिस्से से 67 करोड़ रुपये ज्यादा दिए हैं।”
शिवपाल ने बताया कि इस संबंध में बाणसागर नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्ष से संपर्क करने के बाद बैठक बुलाई गई थी, जिसमें मध्यप्रदेश की ओर से मुख्यमंत्री और मंत्री की जगह अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सबकुछ सुनने के बाद केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती के सचिव अनुज कुमार विश्नोई ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को उत्तर प्रदेश के लिए पानी छोड़ने को कहा।
उन्होंने कहा, “इस बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मैं स्वयं शामिल था।”
शिवपाल ने बताया कि उन्होंने उमा भारती से बांध पर लगी लागत के बारे में किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि बांध के निर्माण पर खर्च हुए एक-एक पाई का हिसाब मिल सके।
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