जयपुर, 23 मई (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार ने भरतपुर जिले में पिछले तीन दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे गुज्जरों के साथ बातचीत के लिए शनिवार को एक समिति गठित की। ये प्रदर्शनकारी सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं।
गुज्जर एसबीसी (विशेष पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के तहत आरक्षण चाहते हैं।
गुज्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने आईएएनएस से कहा, “हम एसबीसी श्रेणी के तहत पांच प्रतिशत आरक्षण चाहते हैं और यह 50 प्रतिशत की ऊपरी सीमा के अंदर होगा।”
कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला (सेवानिवृत्त) के नेतृत्व में यह समिति विरोध प्रदर्शन चला रही है।
गुज्जर आरक्षण संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मंत्रियों की जो समिति बातचीत करने वाली है, उसमें राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौर, समाज कल्याण मंत्री अरुण चतुर्वेदी और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री हेम सिंह भड़ाना शामिल हैं।
इस बीच भरतपुर जिले में पिल का पुरा इलाके में गुज्जरों के धरने के कारण कम से कम 60 रेलगाड़ियों का आवागमन प्रभावित हुआ है। इसमें दिल्ली-मुंबई खंड पर चलने वाली रेलगाड़ियां भी शामिल हैं।
गुज्जर सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसके पहले 2006-2008 के बीच गुज्जरों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें कम से कम 67 व्यक्तियों की जान चली गई थी।
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