नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के एक साल पूरा करने के मौके पर विश्लेषकों ने मोदी सरकार उपलब्धियां और चुनौतियां गिनाईं, जिनमें प्रमुख 25 उपलब्धियां और चुनौतियां इस प्रकार हैं :
उपलब्धियां :
– जन धन योजना : 15 करोड़ से अधिक बैंक खाते खुले, जीवन बीमा और पेंशन वाले 10 करोड़ से अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी।
– कॉरपोरेट सेक्टर ने मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को अपनाया। 2019 तक संपूर्ण स्वच्छता का वादा।
– रसोई गैस में नकद सब्सिडी हस्तांतरण योजना लागू। सब्सिडी में सालाना पांच अरब डॉलर बचत की उम्मीद। डीजल मूल्य भी नियंत्रण मुक्त।
– रेल अवसंरचना में विदेशी निवेश को अनुमति। सीमा तय नहीं।
– रक्षा में विदेशी निवेश सीमा बढ़ाकर 49 फीसदी। प्रौद्योगिकी हस्तांतरण मामले में सीमा 74 फीसदी।
– रक्षा खरीद में तेजी। 36 राफेल युद्धक विमान की खरीदारी हो रही है।
– बीमा और पेंशन में विदेशी निवेश की सीमा बढ़कर 49 फीसदी।
– कोष जुटाने के लिए बैंकों को आईपीओ/एफपीओ लाने की अनुमति। शर्त कि सरकारी हिस्सेदारी 52 फीसदी या उससे अधिक रहे।
– कर लाभ के साथ रियल एस्टेट एवं अवसंरचना निवेश ट्रस्ट की अनुमति।
– 100 स्मार्ट शहर परियोजनाओं को मंत्रिमंडल की मंजूरी।
– रेलवे में पांच साल में 130 अरब डॉलर खर्च प्रस्तावित।
– अखिल भारतीय वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था लागू करने की दिशा में ठोस पहल।
– कोयला ब्लॉक नीलामी के दो चक्र सफलता पूर्वक पूरे।
– नए विधेयक पारित होने के साथ खनन क्षेत्र में जारी गतिरोध दूर।
– दूरसंचार स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी पूरी।
– मेक इन इंडिया, डिजिटल भारत और कौशल भारत पहल शुरू। मुख्य ध्यान रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स पर। मुख्य ध्येय रोजगार सृजन।
– मुद्रा बैंक 20 हजार करोड़ रुपये कोष के साथ शुरू। यह छोटे उद्यमियों को 50 हजार रुपये से 10 लाख रुपये ऋण देगा।
– सरकारी कंपनियों का विनिवेश शुरू।
– फैसले में तेजी लाने के लिए कई मंत्री समूहों का विघटन।
– केंद्र और राज्य के बीच राजस्व बंटवारे पर 14वें वित्त आयोग की सिफारिशें लाागू।
– इस्पात, कोयला और बिजली परियोजनाओं की मंजूरी के लिए एकल खिड़की प्रणाली।
– कृषि उत्पादों में महंगाई नियंत्रित रखने के लिए कीमत स्थिरीकरण कोष स्थापित।
– कृषि उत्पादों का भंडारण बढ़ाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये के साथ भंडारण अवसंरचना कोष गठित।
– विदेशी कोषों की आय से संबंधित कर पर स्पष्टता, जिनके कोष प्रबंधक भारत में रहते हों।
– न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) पर विधि आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में समिति गठित।
चुनौतियां :
– भूमि अधिग्रहण का मुद्दा। राजनीतिक पार्टियों में सहमति की कमी से निवेश निरुत्साहित।
– वित्तीय घाटे को जल्द-से-जल्द तीन फीसदी पर सीमित करना।
– विभिन्न योजनाओं पर सरकारी खर्च बढ़ाने के लिए नवाचार अपनाने की जरूरत।
– व्यापार की सुविधा : 35 केंद्रीय कानूनों को सिर्फ चार नए कानूनों में समाहित करना।
– गोल्ड मोनेटाइजेशन और गोल्ड बांड योजनाओं की घोषणा। मसौदा जारी।
– नकद सब्सिडी हस्तांतरण के दायरे में ऊर्वरक और भोजन को लाना।
– अगले साल एक अप्रैल से वस्तु एवं सेवा कर लागू करना।
– उत्पादकता बढ़ाने के लिए दूसरी हरित क्रांति लाना।
– कृषि उत्पादों के लिए एक राष्ट्रीय साझा बाजार बनाना, जिसमें कृषि उत्पादन विपणन समिति कृषि उत्पाद बेचने के विभिन्न विकल्पों में से एक होगी।
– विदेशों में जमा काले धन पर कानून बन जाने के बाद इसे लागू करना।
– व्यापक दीवालिया संहिता पर विवरण जारी करना।
– सरकारी बैंकों को नए पूंजी निवेश की जरूरत। विलय और पेशेवरों की नियुक्ति की आजादी। तनावग्रस्त संपत्ति के समाधान की कारगर प्रक्रिया अपनाना।
– सरकारी बैंकों के विलय के विवरण जारी करना।
– नए बैंकिंग लाइसेंस जारी करना।
– सब्सिडी समाप्त करने के लिए व्यापक नीति पर कोई प्रारूप नहीं।
– कोल बेड मीथेन पर नई नीति जारी करनी बाकी।
– मौजूदा अल्ट्रा-मेगा बिजली परियोजनाओं की बदहाली, पांच घोषित नई अल्ट्रा-मेगा बिजली परियोजनाओं में अबतक कोई विकास नहीं।
– पुराने मामलों में न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) के मुद्दे का अबतक समाधान नहीं।
– कम कर दर और कम से कम छूट वाले प्रत्यक्ष कर व्यवस्था का सरलीकरण अबतक एक चुनौती।
– राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा प्राधिकरण की स्थापना। यह पुणे में प्रस्तावित है, जो स्मार्ट शहर परियोजनाओं की निगरानी करेगा।
– सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयों की अधिकतम निवेश सीमा पर विधेयक तैयार, लेकिन इसे आगे बढ़ाना बाकी।
– प्रतिकारी शुल्क से संबंधित सभी छूट समाप्त करना। इससे भारतीय विनिर्माण उद्योग और मेक इन इंडिया पहल को फायदा होगा।
– मौजूदा सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल की खामियों को दूर करने के लिए प्रस्तावित संस्थानों की स्थापना।
– दूसरे और तीसरे शहरों में बिना किसी अतिरिक्त सुविधा वाले 50 प्रस्तावित हवाईअड्डों की स्थापना।
– तेल मंत्रालय को यह स्पष्ट करने की जरूरत कि देश भर में 25 हजार किलोमीटर गैस ग्रिड बनाने का लक्ष्य कैसे पूरा होगा।
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