नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और उप-राज्यपाल के बीच नौकरशाहों की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी करने के मामले में वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने केजरीवाल सरकार का समर्थन किया है। केंद्र ने अपनी अधिसूचना में उप-राज्यपाल के अधिकारों का उल्लेख करते हुए कहा है कि नौकरशाहों की नियुक्ति का अधिकार भी उन्हीं के पास है।
आप सरकार द्वारा मांगी गई कानूनी सलाह पर अपने जवाब में इंदिरा जयसिंह ने लिखा है, “21 मई, 2015 को जारी की गई अधिसूचना केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। दिल्ली सरकार के पास एंट्री-41 के तहत आने वाले विषयों पर कानून बनाने का अधिकार है और इस तरह समव्यापी कार्यकारी शक्तियां है।”
उन्होंने कहा, “लोकसेवकों को काम का आवंटन दिल्ली सरकार का प्रशासनिक और कार्यकारी कामकाज है।”
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार अथवा राष्ट्रपति के पास सेवाओं से जुड़ी शक्तियों का इस्तेमाल और कार्य निष्पादन उप-राज्यपाल को सौंपने का कोई अधिकार नहीं है।”
उन्होंने कहा, “आईएएस (कैडर) नियमों के नियम संख्या 7(ब) के साथ नियम संख्या 3(2) और नियम संख्या 2(ग) दिल्ली सरकार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार देते हैं।”
जयसिंह ने अपनी कानूनी सलाह में कहा है, “कार्य संचालन नियमों की नियम संख्या 23 (वीए) के मुताबिक उप-राज्यपाल को भेजी जाने वाली सभी फाइलें मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के माध्यम से भेजी जाएंगी।”
इससे पहले वरिष्ठ वकील के.के. वेणुगोपाल और गोपाल सुब्रमण्यम ने आप सरकार का समर्थन करते हुए गृहमंत्रालय की अधिसूचना को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया था।
गृहमंत्रालय ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस, भूमि और सेवाओं (भारतीय प्रशासनिक सेवाओं) से संबंधित मामले उप-राज्यपाल नजीब जंग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
केंद्र सरकार ने यह अधिसूचना आप सरकार और उप-राज्यपाल के बीच नौकरशाहों की तैनाती और तबादले को लेकर चल रहे विवाद के बाद जारी की थी। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों ने राष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी।
dharmpath.com dharmpath