कोयला ब्लॉक नीलामी के बाद सरकार ने कंपनियों के आपस में मिलकर बोली लगाने का हवाला देते हुए तमनार क्षेत्र के तीन कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द कर इन्हें सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया को सौंप दिया।
गारे पल्मा-4 के कोयला ब्लॉकों-दो और तीन को कोल इंडिया ने अपनी सहायक कंपनी एसईसीएल को सौंप दिया है।
एक अप्रैल से उत्पादन बंद होने की वजह से इन खदानों के आसपास के गांवों में हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। कोल ब्लॉक में उत्पादन बंद होने से अब तक 50 हजार टन से अधिक कोयला जलकर राख हो चुका है।
विशेषज्ञों की मानें, तो कोयला खदान में अपने आप आग लगती रहती है। गारे पल्मा-4 की दो नंबर की खदान में काम करने वाले श्रमिक गजानंद पटेल की मानें तो हजारों श्रमिक एक अप्रैल से बेरोजगार बैठे हैं।
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