तिरुवनंतपुरम, 3 जून (आईएएनएस)। मध्यपूर्व में रहने वाले केरल के प्रवासी आगामी छुट्टियों में जलमार्ग से भी आ सकते हैं। केरल सरकार जल पोतों की सेवा लेने के विकल्प पर विचार कर रही है।
केरल सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है, क्योंकि प्रवासियों को इन दिनों में विमानों में सीट हासिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और इस दौरान विमान का किराया भी काफी अधिक होता है।
जुलाई-अगस्त-सितंबर मध्यपूर्व में रहने वाले केरल के प्रवासियों के लिए छुट्टियों का समय होता है और वे इस अवधि में अपने पुस्तैनी घर वापस आते हैं। इस बार ओनम पर्व अगस्त में है।
संयुक्त अरब अमीरात से केरल के तीन हवाईअड्डों के लिए संचालित उड़ानों का आम तौर पर किराया 7,000 रुपये से 15,000 रुपये होता है, जो छुट्टियों के दौरान बढ़कर 50 हजार रुपये तक पहुंच जाता है।
राज्य के परिवहन मंत्री तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने कहा मध्यपूर्व से जल पोतों का संचालन करने पर विचार किया जा रहा है। हाल ही में यमन में संकट पैदा होने के बाद भारतीयों को समुद्री मार्ग से देश वापस लाया गया था।
राधाकृष्ण ने कहा, “हां, विकल्प पर विचार किया जा रहा है। हमें हालांकि यह देखना है कि हमारे लोग जल पोत से आएंगे या नहीं।”
नौसेना के पूर्व कप्तान और आईएनएस मुंबई के पूर्व मुख्य इंजीनियर रमेश बाबू ने आईएएनएस से कहा, “(जहाज से) मध्यपूर्व से केरल आने में दो दिन लगता है। इससे एक ओर का किराया करीब 5,000 रुपये है।”
अगले सप्ताह केरल विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है और इस मुद्दे पर सदन में चर्चा होने की उम्मीद है।
dharmpath.com dharmpath