अमृतसर, 6 जून (आईएएनएस)। पंजाब के अमृतसर में सन्य कार्रवाई ऑपरेशन ब्लू स्टार की 31वीं वर्षगांठ पर शनिवार को शहर बंद के दौरान स्वर्ण मंदिर परिसर में चरमपंथी सिखों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कार्य बल के बीच झड़प में छह लोग घायल हो गए।
सूत्रों ने बताया कि स्वर्ण मंदिर परिसर स्थित अकाल तख्त में ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए जाने पर एसजीपीसी के कार्य बल और चरमपंथियों के बीच हाथापाई हो गई, जिसमें छह लोग घायल हो गए।
पुलिस आयुक्त जतिंदर सिंह औलख ने सवांददाताओं को बताया, “लगभग 15 युवक खालिस्तान के समर्थन में नारे लगा रहे थे। इस कारण एसजीपीसी के कार्य बल के साथ उनकी झड़प हो गई। उनमें से कुछ युवक घायल हो गए।”
उन्होंने बताया कि इस मामूली झड़प के अलावा शहर में किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है।
पुलिस ने स्वर्ण मंदिर के समीप खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हुए प्रदर्शन करने वाले 25 युवकों को हिरासत में लिया है।
प्रदर्शन का नेतृत्व शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व सांसद ध्यान सिंह मांड ने किया, क्योंकि पार्टी के अमृतसर प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान इस समय चंडीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती हैं।
पुलिस ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की वर्षगांठ के मद्देजनर किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्वर्ण मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
इससे पहले, दिन में अकाल तख्त के जत्थेदार गुरबचन सिंह ने एक जनसमूह को संबोधित करते हुए इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली तत्कालीन केंद्र सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि उस दौरान स्वर्ण मंदिर परिसर में चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार से मिले जख्म को सिख समुदाय अभी तक भूला नहीं है।
इस अवसर पर दिवंगत नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले के परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया गया।
उधर, शहर में चरमपंथी सिख संगठन दल खालसा ने जुलूस निकाला और इस दिन को ‘जाति संहार स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया।
दल खालसा के कंवर पाल सिंह ने दावा किया कि शहर में बंद शांतिपूर्ण और पूरी तरह सफल रहा।
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