नरसिंहपुर, 21 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य में लोगों को सड़क की बेहतर सुविधा दिलाने के लिए डामर (तारकोल) के स्थान पर सीमेंट- कंक्रीट की सडकें बनाई जाएंगी। ये सड़कें वषों तक चलेंगी और उनके रख-रखाव पर कम खर्च होगा।
नरसिंहपुर जिले के करेली में शनिवार को कृषि महोत्सव के राज्य-स्तरीय समापन पर आयोजित किसान महा-सम्मेलन में चौहान ने यह बात केन्द्रीय पोत परिवहन, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में कही।
चौहान ने कहा, “सीमेंट की सड़कें वषों तक चलेंगी और उनके रख-रखाव पर कम खर्च होगा। आगामी समय में केन्द्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में 50 हजार करोड़ रुपये की लागत की सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है।”
उन्होंने किसानों के हित में सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को बोनस के बेहतर विकल्प के रूप में खाद-बीज के लिए एक लाख रुपये के ऋण पर 10 हजार रुपये सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे। किसान को सिर्फ 90 हजार रुपये लौटाने होंगे।
शिवराज ने कहा, “फसल क्षति की भरपाई और किसानों को प्रति एकड़ न्यूनतम आय सुनिश्चित कराने के लिए नई फसल बीमा योजना बनाने के लिए केन्द्र के सहयोग से मध्य प्रदेश में गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं।”
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, “केन्द्र सरकार का नया भूमि अधिग्रहण कानून किसानों के हित में है। केन्द्र सरकार ऐसा कोई कार्य नहीं करेगी, जो किसानों के हित के प्रतिकूल हो।” केन्द्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश में कृषि विकास के लिए मुख्यमंत्री चौहान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि कृषि विकास के मामले में मध्य प्रदेश पूरे देश में अव्वल राज्य है। प्रदेश की 23 प्रतिशत कृषि विकास दर देश में सर्वाधिक है। उन्होंने किसानों को खेती-किसानी की आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए कहा।
गडकरी ने कहा, “किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप केन्द्र सरकार द्वारा कूड़ा-करकट से बर्मी कल्चर बनाने और किसानों द्वारा मधुमक्खी पालन कर शहद संग्रहण करने की योजना तैयार की जा रही है।”
गडकरी ने जिले में केरपानी में और दुधी नदी पर पुल का निर्माण करवाने की घोषणा की। साथ ही अनेक निर्माण कायरें का भूमि पूजन व लोकार्पण किया।
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