राजपथ पर विदेशी प्रतिभागियों ने किया शीर्षासन

नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। राजपथ पर रविवार को विदेशी राजनयिक, गणमान्य हस्तियां और अन्य अतिथि जहां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से जुड़े आधिकारिक कार्यक्रम की शुरुआत का इंतजार कर रहे थे, वहीं अचानक फ्रांसीसी प्रतिभागियों को बेहद दक्षता के साथ शीर्षासन की मुद्रा में आते देखा गया।

नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। राजपथ पर रविवार को विदेशी राजनयिक, गणमान्य हस्तियां और अन्य अतिथि जहां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से जुड़े आधिकारिक कार्यक्रम की शुरुआत का इंतजार कर रहे थे, वहीं अचानक फ्रांसीसी प्रतिभागियों को बेहद दक्षता के साथ शीर्षासन की मुद्रा में आते देखा गया।

फ्रांसीसी दूतावास की कैमिली ने बेहद दक्षता के साथ शीर्षासन किया, जिसके बाद कुछ और लोगों ने शीर्षासन किया। यह कांगो गणराज्य के मपियाना थे, जिन्होंने बेहद उत्कृष्टता के साथ योगासन किया।

300 विदेशी अतिथियों में राजनयिक, विद्यार्थी मौजूद थे, जिनमें से अधिकांश ने आईएएनएस संवाददाता को बताया कि वे नियमित रूप से योग नहीं करते।

लेकिन कुछ लोग नियमित योग करते हैं और वे इसमें पारंगत हैं।

फ्रांसीसी दूतावास की कैमिली ने शीर्षासन बेहद दक्षता से किया, और उसी अवस्था में कुछ मिनट तक बनी रहीं।

कैमिली ने आईएएनएस को बताया, “मैंने शिवानंद हठ योग केंद्र से योग सीखा है।”

कैमिली ने बताया कि वह पिछले 10 सालों से योगाभ्यास कर रही हैं और न्यूयार्क में रहने के दौरान उन्होंने योग सीखा। उन्होंने बताया कि यह उन्हें लाभदायी लगता है।

उन्होंने कहा, “मैं सप्ताह में चार दिन एक-एक घंटे योग करती हूं।”

स्टूडेंट ऑफ लवली प्रोफेशनल युनिवर्सिटी के छात्र मपियाना ने कहा कि वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं और योग का आनंद ले रहे हैं।

विदेशी नागरिकों की भीड़ में कुछ ऐसे भी थे जो योग में पारंगत थे।

बुर्कियाना फासो के राजदूत इदरिस रौवा ओएड्राओगो के आसपास उनके प्रशंसक मौजूद थे। इदरिस ने कहा कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए तय 35 आसन बेहद सामान्य लगे।

जामिया मिलिया इस्लामिया कॉलेज के आठ विदेशी छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अफगानिस्तान की लीजा दार्विश कानून की छात्रा हैं। लीजा ने सिर पर हिजाब पहन रखा था। उन्होंने कहा कि उन्हें योग करना पसंद है, लेकिन वह कभी-कभी करती हैं।

लीजा ने आईएएनएस को बताया, “मैं कभी-कभार योग करती हूं।”

इराक के अमर आरिफ रासायन शास्त्र में शोध कर रहे हैं और कहते हैं कि उन्हें भारत बहुत पसंद है।

नाइजीरिया की हेलन गौतमबुद्ध नगर स्थित गलगोटिया युनिवर्सिटी से नर्सिग की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके विश्वविद्यालय के आठ विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया था।

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