हैदराबाद, 24 जून (आईएएनएस)। ट्रक संचालकों के बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने के कारण बुधवार को तेलंगाना में 3.5 लाख से अधिक ट्रकों का परिचालन ठप्प हो गया। इसके कारण माल ढुलाई प्रभावित हुई है।
ट्रकों की हड़ताल से हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य नौ जिलों में सब्जियों तथा अन्य आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
ट्रकों की हड़ताल मंगलवार मध्यरात्रि से शुरू हुई। चालकों ने ट्रक जगह-जगह खड़े कर दिए हैं, जिससे हैदराबाद और राज्य के अन्य हिस्सों में तथा आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में सब्जियों के दाम अचानक बढ़ गए हैं।
तेलंगाना ट्रक मालिक संघ (टीएलओए) ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर सरकार से वार्ता विफल होने के बाद हड़ताल का आह्वान किया। हालांकि दूध, ईंधन तथा पानी की आपूर्ति को अगले दो दिनों के लिए हड़ताल से अलग रखा गया है।
ट्रक मालिक आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद करों में कटौती की मांग कर रहे हैं। वे दोनों राज्यों (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) के बीच चलने वाले वाहनों के लिए एक निश्चित कर कर के भुगतान का समझौता करने की मांग भी कर रहे हैं।
टीएलओए के अध्यक्ष एन. भास्कर रेड्डी ने कहा कि 23 जिलों में वाहनों के परिवहन के लिए 7,000 रुपये का तिमाही कर उस समय से बना हुआ है जब आंध्र प्रदेश का विभाजन नहीं हुआ था। राज्य के विभाजन के बाद अब तेलंगाना सरकार को कर की यह राशि घटानी चाहिए।
ट्रक मालिकों की एक बड़ी मांग दोनों राज्यों के बीच काउंटर सिगनेचर परमिट को लेकर समझौता भी है। यह एक वार्षिक परमिट है। इसे दोनों राज्यों के बीच वाहनों के परिचालन के लिए एक निश्चित कर भुगतान करने पर दिया जाता है।
तेलंगाना आंध्र प्रदेश में चलने वाले तेलंगाना के ट्रकों पर 1,400 रुपये शुल्क लगाता है। ट्रक चालकों का कहना है कि इससे उन पर वित्तीय बोझ बढ़ता है।
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