मुंबई, 24 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मुंबई में हाल ही में हुए शराब हादसे पर बुधवार को एक रपट मांगी। इस घटना में 102 लोगों की मौत हो गई है।
एनएचआरसी ने कहा कि इस घटना ने पीड़ितों के मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर मसले को सामने लाया है।
पिछले बुधवार को हुई घटना से संबंधित मीडिया रपट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एनएचआरसी ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, आबकारी विभाग के प्रधान सचिव, राज्य सरकार और मुंबई पुलिस विभाग को नोटिस भेजकर दो सप्ताह के अंदर रपट मांगी है।
एनएचआरसी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वह मृतकों के परिवावार वालों को सहायता राशि दिए जाने तथा पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने से संबंधित सूचना उपलब्ध कराएं।
गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले पीड़ितों ने उत्तर-पश्चिम मुंबई के उपनगरीय इलाके मालवणी में एक बार में शराब पी थी और उसके बाद उनमें जहर के लक्षण दिखने लगे।
सोमवार तक इस घटना में 102 लोगों की मौत हो गई, जो कि महाराष्ट्र में शराब पीने की घटना में अबतक की सबसे ज्यादा मौत है, जबकि 45 अन्य का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
सरकार ने घटना के संबंध में जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की।
मुंबई पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और इसने पिछले कुछ दिनों के दौरान पूरे शहर और आसपास के इलाकों से 70 टन अवैध शराब बरामद की।
घटना में बड़ी सफलता तब मिली, जब मंगलवार को मुंबई और दिल्ली पुलिस ने शराब हादसे के मुख्य आरोपी मंसूर लतीफ शेख ऊर्फ अतीक को राष्ट्रीय राजधानी से गिरफ्तार किया।
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