नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। सरकार ने बुधवार को पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारा (डीएफसी) परियोजना के लिए 81,459 करोड़ रुपये की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी।
यह मंजूरी आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने यहां हुई एक बैठक में दी।
बैठक में परियोजना पूर्णता की समय सीमा 31 दिसंबर, 2014 से बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2017 कर दी गई।
परियोजना के निर्माण पर 73,392 करोड़ रुपये और भूमि अधिग्रहण पर 8,067 करोड़ रुपये खर्च होगा।
रेलवे भी इस परियोजना में 23,796 करोड़ रुपये की शेयरधारिता का निवेश करेगा।
परियोजना के लिए जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) और विश्व बैंक से 52,347 करोड़ रुपये ऋण लिया जाएगा।
दोनों गलियारे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों से होकर गुजरेंगे।
सीसीईए के बयान में कहा गया है, “परियोजना से पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा, क्योंकि माल ढुलाई का एक बड़ा हिस्सा सड़क परिवहन से रेल परिवहन की तरफ खिसक जाएगा और 30 वर्षो में 45.7 करोड़ टन कार्बनडाईऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा।”
सीसीईए ने फरवरी 2008 में 80,000 करोड़ रुपये के खर्च के साथ इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मंजूरी दी थी।
परियोजना का क्रियान्वयन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया कर रही है।
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