जयपुर, 27 जून (आईएएनएस)। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यालय ने शनिवार को गलत और भ्रामक खबर प्रसारित करने के लिए कुछ टेलीविजन चैनलों की निंदा की।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार द्वारा जारी वक्तव्य के अनुसार, “हमेशा की तरह कुछ समाचार चैनल गलत खबरें प्रसारित कर रहे हैं।”
वक्तव्य के अनुसार, कुछ टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित खबर में कहा जा रहा है कि वसुंधरा को नई दिल्ली की यात्रा के दौरान पार्टी नेतृत्व ने समय नहीं दिया और न ही वसुंधरा को उनकी ओर से कोई आश्वासन ही मिला।
वक्तव्य में कहा गया है कि वसुंधरा सिर्फ नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली गई थीं, जिसके बाद वह सीधे जयपुर वापस चली आईं, क्योंकि उनका दिल्ली में किसी से मिलने का कोई और कार्यक्रम नहीं था।
वक्तव्य के अनुसार, “ये खबरें पूरी तरह झूठी और बेबुनियाद हैं। वे सच्चाई से बिल्कुल परे हैं। खबरें प्रसारित या प्रकाशित करने से पहले उनकी पुष्टि तो कर लें।”
गौरतलब है कि नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के लिए शनिवार सुबह राजधानी पहुंचीं वसुंधरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह से मिले बगैर जयपुर लौट आईं।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को ब्रिटिश आव्रजन दस्तावेज दिलाने में मदद करने के आरोप में विपक्षी दलों की ओर भारी आलोचना झेल रहीं वसुंधरा के शनिवार को नरेंद्र मोदी और शाह से मिलने की संभावना जताई जा रही थी।
राजनीतिक विश्लेषक मोदी या शाह से मुलाकात न हो पाने को पार्टी नेतृत्व द्वारा वसुंधरा से कन्नी काटे जाने के तौर पर देख रहे हैं।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि विपक्षी पार्टियों के निशाने पर चल रहीं वसुंधरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करना चाहती थीं, ताकि ललित मोदी मामले पर वह अपने पक्ष से पार्टी नेतृत्व को अवगत करा सकें।
भाजपा के एक सूत्र ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी नेतृत्व द्वारा मिलने से इनकार किए जाने के बाद उन्होंने जयपुर वापस जाना ही उचित समझा।”
सूत्र ने आगे बताया, “वह निश्चित तौर पर फिर से केंद्रीय नेतृत्व से मिलने की कोशिश करेंगी, और अगले कुछ दिनों में अपने निकटवर्ती लोगों को पार्टी नेतृत्व से मुलाकात करने के लिए भेज सकती हैं।”
राजस्थान की भाजपा इकाई भी पूरी तरह मुख्यमंत्री के समर्थन में है और उनका कहना है कि विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
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