कोलकाता, 30 जून (आईएएनएस)। नौसेना उपप्रमुख वाइस एडमिरल पी. मुरुगेसन ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के बंदरगाह पर चीन की पनडुब्बी के रुकने का मामला ज्यादा चिंता का विषय नहीं है।
22 मई को युआन श्रेणी की 335 पनडुब्बी पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर रुकी थी। यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाकिस्तान दौरे के कुछ दिनों बाद का है।
गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड’ (जीआरएसइ) पर मुरुगेसन ने यहां संवाददाताओं से कहा, “एक देश की पनडुब्बी किसी तीसरे देश में रुकना कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है, लेकिन हम उनकी निगरानी रखते रहेंगे।”
मुरुगेसन ने कहा, “हमारे भी विमान चीन सागर में हैं, सेना अथवा वायुसेना किसी और देश की सीमा में जाएं और इस पर विवाद न हो ऐसा मुमकिन नहीं है। लेकिन नौसेना के पोत और पनडुब्बियां जा सकती हैं। हमारी भी पनडुब्बियां दूसरे देशों में रुकी हैं।”
मुरुगेसन ने कहा, “हम राजदूत की तरह हैं, हम किसी भी देश जा सकते हैं और उसकी राष्ट्रीय सीमा से 10-12 मील की दूरी पर हम कितने भी समय के लिए रुक सकते हैं। इसीलिए रुकने का मुद्दा चिंता की बात नहीं है।”
चीन और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग पर मुरुगेसन ने ज्यादा कुछ कहने से इंकार कर दिया।
वाइस एडमिरल ने कहा, “उनका (पाकिस्तान-चीन) नौसेनिक सहयोग हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है लेकिन हम हम अपने पड़ोस की नौसेनाओं के बीच सहयोग पर निगरानी बनाए हुए हैं। इस प्रकार के सहयोग से पैदा हुई किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए हमारी नौसेना तैयार है।”
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