नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। बुधवार को देश के पहला पेशेवर मुक्केबाजी संगठन ‘भारतीय मुक्केबाजी परिषद’ (आईबीसी) के अस्तित्व में आने के साथ ही देश में पेशेवर मुक्केबाजी ने पहले चरण में प्रवेश कर लिया।
भारतीय मुक्केबाजी परिषद (आईबीसी) पेशेवर मुक्केबाजी में पेशेवर मुकाबलों के साथ-साथ राष्ट्रीय पेशेवर मुक्केबाजी एवं दूसरी श्रेणी के चैम्पियनशिप का आयोजन करेगा।
आईबीसी के आयोजकों ने कहा कि यह संगठन देश में पेशेवर मुक्केबाजी का प्रचार करेगा और मोटी कमाई के लिए पेशेवर मुक्केबाजी चुनने वाले देश के पेशेवर मुक्केबाजों की मदद करेगा।
गौरतलब है कि देश के स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह के कुछ ही दिन पहले पेशेवर मुक्केबाजी में प्रवेश करने के बाद यह संगठन अस्तित्व में आया है।
अगले वर्ष ब्राजील में होने वाले रियो ओलम्पिक-2016 से ठीक एक वर्ष पहले विजेंदर द्वारा पेशेवर मुक्केबाजी में प्रवेश को लेकर पूरे देश में काफी हो-हल्ला मचा और उन्हें स्वार्थी तथा देशहित के खिलाफ कहा गया है।
आईबीसी स्थापित करने का पहला विचार भारतीय एमैच्योर मुक्केबाजी महासंघ (आईएबीएफ) के पूर्व महासचिव पी. के. मुरलीधरन राजा को आया तथा आईबीसी का गठन आईओएस बॉक्सिंग प्रमोशंस की साझेदारी में किया गया है।
मुरलीधरन राजा ने कहा कि यह सब अंतर्राष्ट्रीय प्रमोटरों के समर्थन से हो सका, जो भारत में पेशेवर मुक्केबाजी को विकसित करने में रूचि ले रहे हैं।
आईबीसी का मुख्यालय पुणे में होगा और आईएबीएफ के कई पूर्व अधिकारियों एवं मुक्केबाजों का इसको समर्थन प्राप्त है।
मुरलीधरन ने कहा, “आईबीसी एक गैर मुनाफा वाला संगठन होगा, जिसका उद्देश्य पेशेवर मुक्केबाज अपनाने को इच्छुक मुक्केबाजों को सुविधा प्रदान करना होगा।”
dharmpath.com dharmpath