पटना, 19 जुलाई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।
बोर्ड के कार्यकारी महासचिव मौलाना वली रहमान ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में हस्तक्षेप करने की दृष्टि से कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह बड़ी चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा, “हमें इस स्थिति पर बराबर नजर रखनी होगी। इस्लाम में शादी, तलाक और संपत्ति से जुड़े विवादों का निपटारा पर्सनल लॉ के माध्यम से किया जाता है।”
रहमानी ने कहा, “लेकिन हाल के दिनों में केंद्र सरकार ने जिस तरह से कुछ पहल की है, उससे लगता है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
उन्होंने मुस्लिमों से आग्रह किया कि वे बोर्ड के निर्देशों का पालन करें।
रहमानी ने कहा कि पिछले माह उन्होंने मुस्लिम समूहों और व्यक्तियों को पत्र लिखा था और इस्लाम की शिक्षाओं पर होने वाले हमलों से सतर्क रहने की बात कही थी।
उन्होंने कहा, “मुस्लिमों को हमेशा सचेत रहना चाहिए, क्योंकि कुछ संस्थाएं हैं जो इस्लामिक मान्यताओं पर हमला कर रही हैं और उन पर ब्राह्मण धर्म थोपने का प्रयास कर रही हैं।”
उन्होंने कहा, “योग, सूर्य नमस्कार और वैदिक संस्कृति ब्राह्मण धर्म के हिस्सा हैं और इस्लामी मान्यताओं के पूरी तरह खिलाफ हैं।”
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