लखनऊ, 19 जुलाई (आईएएनएस/आईपीएन)। पानी की बर्बादी हो रही है और जलस्तर दिनोंदिन नीचे जा रहा है, उसे रोकने के लिए अब जल निगम सूबे के तीन शहरों में पानी के नलों में मीटर लगाने की तैयारी में है।
लखनऊ, 19 जुलाई (आईएएनएस/आईपीएन)। पानी की बर्बादी हो रही है और जलस्तर दिनोंदिन नीचे जा रहा है, उसे रोकने के लिए अब जल निगम सूबे के तीन शहरों में पानी के नलों में मीटर लगाने की तैयारी में है।
दरअसल, केंद्र सरकार की जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) योजना के तहत पानी के नलों में मीटर लगाना जरूरी है। यही वजह है कि जल निगम रायबरेली, लखनऊ और इलाहाबाद में पानी के नलों में मीटर लगाने की तैयारी कर रहा है।
जल निगम ने कहा कि जेएनएनयूआरएम योजना में इस बात की अनिवार्यता है कि आपको पानी के नलों में मीटर लगाना ही होगा, तभी इसका फंड मिलेगा। हालांकि, इससे फायदा भी है। जो लोग पानी भरने के बाद नल खुले छोड़ देते हैं और पानी नालियों में बहकर बर्बाद होता रहता है इस पर रोक लग जाएगा।
यदि लखनऊ की बात करें तो यहां पर करीब 720 एमएलडी पानी का उत्पादन किया जाता है, जबकि जरूरत सिर्फ 513 एमएलडी पानी की है। इसके बाद भी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पाती है और करीब 30 से 40 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता है। यदि नलों में मीटर लग जाएंगे, तो लोग पानी की बर्बादी पैसे देने के डर से नहीं करेंगे। जल निगम सूत्र ने बताया कि दक्षिण भारत में इस प्रयोग के बाद न सिर्फ पानी की बर्बादी घटकर पांच फीसदी पर आ गई, बल्कि उसी पानी के प्रोडक्शन से 24 घंटे सप्लाई भी हो गई।
इसे देखते हुए नलों में मीटर लगाना बहुत जरूरी है। इससे पानी की बर्बादी रुकेगी और आय भी बढ़ेगी। सूत्र ने कहा कि इलाहाबाद स्मार्ट सिटी में है, इसलिए वहां पर भी नलों में मीटर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही रायबरेली में भी नलों में मीटर लगाए जाएंगे। रायबरेली में एक बार मीटर लगाने का टेंडर भी हो चुका है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों की वजह से यह लटक गया था। लखनऊ के टेंडर की फाइल शासन के पास जा चुकी है, लेकिन अभी टेंडर फाइनल नहीं हुआ है। बहुत जल्द ये टेंडर फाइनल हो जाएगा।
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