नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। राज्यसभा में बुधवार को आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के संबंधों और व्यापमं घोटाले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान विपक्ष ने इन मामलों में संलिप्त नेताओं के इस्तीफे की मांग की।
संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने ललित मोदी मामले को लेकर तथा व्यापमं घोटाले पर अपनी बात रखने की इजाजत मांगी।
सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा कि इस पर जल्द चर्चा कराई जाएगी।
जेटली ने कहा, “अगर विपक्ष नियमों में बदलाव कर राज्य के मुद्दे पर चर्चा चाहती है, तो हम तैयार हैं। हम सभी राज्यों के मुद्दे उठाएंगे, जो कुछ केरल, हिमाचल प्रदेश, असम और गोवा में हो रहा है, सभी पर चर्चा की जाएगी।”
हंगामा जारी रहते देख सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर बसपा नेता मायावती ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर ललित मोदी की मदद करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “केंद्र इन दोनों ही महिलाओं पर कार्रवाई को तैयार नहीं है।”
मायावती ने कहा, “व्यापमं राज्य का विषय नहीं है, यह राष्ट्रीय मुद्दा है।”
जेटली ने राज्य के मसले पर फिर सदन की नियमावली का हवाला दिया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि व्यापमं घोटाले में लोगों की मौत मध्य प्रदेश से बाहर हुई, इसलिए यह राज्य का विषय नहीं है।
येचुरी ने कहा, “संसद का काम सरकार को जवाबदेह बनाना है। चर्चा जांच का विकल्प नहीं होता। जब तक जांच के आदेश नहीं दिए जाते और संबंधित लोग इस्तीफा नहीं देते, चर्चा नहीं हो सकती।”
इसके बाद जेटली ने सवाल किया कि सुषमा ने कौन-सा कानून तोड़ा है, जिसमें जांच होनी चाहिए।
जेटली ने कहा, “क्या मैं पूछ सकता हूं कि विदेश मंत्री ने किस कानून का उल्लंघन किया है जिसमें जांच के आदेश दिए जा सकते हैं?”
हंगामा जारी रहते देख उपसभापति पी.जे.कुरियन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
प्रश्नकाल के लिए सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी यह दृश्य बरकरार रहा, जिसके कारण सभापति एम.हामिद अंसारी ने कार्यवाही अगले आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।
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