याकूब मेमन ने खटखटाया सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। वर्ष 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम विस्फोटों के दोषी याकूब मेमन ने उसे 30 जुलाई को दी जाने वाली फांसी के वारंट को सर्वोच्च न्यायालय में गुरुवार को चुनौती दी।

मेमन ने इस आधार पर फांसी के लिए जारी वारंट को चुनौती दी है कि इसके लिए समुचित कानूनी प्रक्रियाओं का अनुपालन नहीं किया गया।

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को मेमन की सुधारात्मक (क्यूरेटिव) याचिका खारिज कर दी थी। उसी दिन उसने अपने मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदलने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल के पास दया याचिका भेजी थी।

सर्वोच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में मेमन ने कहा है कि उसे फांसी दिए जाने का वारंट तभी जारी कर दिया गया, जबकि उसने अपने बचाव से संबंधित सभी उपायों को अमल में नहीं लाया। उसे फांसी का वारंट तभी जारी कर दिया गया और फांसी की तारीख भी 30 जुलाई मुकर्रर कर दी गई, जबकि उसकी सुधारात्मक याचिका सर्वोच्च न्यायालय में लंबित थी।

गौरतलब है कि न्यायालय इस साल की शुरुआत में दो दोषियों की फांसी की सजा का वारंट इस आधार पर रद्द कर चुका है कि इसके लिए समुचित कानूनी प्रक्रियाओं का अनुपालन नहीं किया गया।

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