मुंबई, 23 जुलाई (आईएएनएस)। अनिल अंबानी के रिलायंस समूह ने गुरुवार को कहा कि उसने घरेलू और वैश्विक बाजार के लिए भारत में एरोस्टैट और एयरशिप का निर्माण करने के लिए सिंगापुर की कंपनी ऑगर ओवरसीज ऑपरेशन के साथ एक समझौता किया है।
रिलायंस समूह ने एक बयान में कहा, “समझौते के तहत दोनों कंपनियां एक संयुक्त उपक्रम स्थापित करेगी, जिसमें रिलायंस की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी।”
बयान में कहा गया है, “संयुक्त उपक्रम कंपनी एरोस्टैट, एयरशिप और हवा से हल्की प्रणाली का विकास, उत्पादन, बिक्री, सुधार जैसे काम करेगी।”
एरोस्टैट को हवा से हल्का विमान भी कहा जाता है। इसमें हवा में तैरने के लिए गुब्बारे और माल तथा यात्री ढोने के लिए एयरशिप होते हैं। हाइड्रोजन या हीलियम गैस के कारण ये वाहन खुद ही हवा में ऊपर उठते हैं और यान की दूसरी प्रणाली इसे आगे बढ़ाने का काम करती है।
गुरुवार को जिस समझौते की घोषणा की गई, वह एक पुराने समझौते का विस्तार है, जो सिंगापुर की कंपनी ने पिपावाव डिफेंस के साथ किया था, जिसका पिछले दिनों रिलायंस समूह ने अधिग्रहण कर लिया है।
हाल में ऐसे एक यान की आपूर्ति की गई थी और पिपावाव ने उसका परीक्षण भी किया था।
एक अनुमान के मुताबिक, एरोस्टैट का बाजार 2014 के 25 हजार करोड़ रुपये से सालाना 17 फीसदी की चक्रवृद्धि के साथ 2020 तक 65 हजार करोड़ रुपये का हो जाएगा।
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