पणजी, 24 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सुभाष फलदेसाई ने कहा है कि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर 976,630 डॉलर के लुई बर्जर अंतर्राष्ट्रीय रिश्वतखोरी मामले में कथित रूप से शामिल रहे दो तत्कालीन मंत्रियों के नाम जांचकर्ताओं को बता सकते हैं।
फलदेसाई ने यह भी कहा है कि गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री पर्रिकर दक्षिण गोवा के उस बंगले के बारे में भी जानकारी दे सकते हैं, जहां यह सौदा हुआ था।
फलदेसाई ने शुक्रवार को प्रसारित एक टेलीविजन चर्चा में कहा कि लुई बर्जर से संबंधित 300 डॉलर की जल एवं सीवरेज प्रबंधन परियोजना के प्रभारी रहे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यू) के पूर्व अधिकारी आनंद वाचासुंदर को 2012 में भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार द्वारा बर्खास्त कर देना चाहिए था।
फलदेसाई ने कहा, “वाचासुंदर को हटा दिया जाना चाहिए था। वह इस परियोजना का छह सालों तक प्रभारी रहे थे। यदि उसे पद से हटा दिया गया होता तो इस तरह की अनियमितताएं पहले उजागर हो जातीं।”
यह पूछने पर कि क्या पर्रिकर इस मामले में शामिल मंत्रियों के नामों का या जिस बंगले पर यह सौदा हुआ था, उसके बारे में खुलासा करेंगे। इसके जवाब में फलदेसाई ने कहा, “उन्हें जरूर करना चाहिए और जांच टीम इसकी जांच करेगी।”
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह पर्रिकर ने कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय परामर्शदात्री कंपनी से एक नहीं बल्कि दो मंत्रियों ने रिश्वत ली थी। उन्होंने यह भी कहा था कि दक्षिण गोवा के जिस बंगले में यह सौदा हुआ था, वह उसके बारे में भी जानते हैं।
लुई बर्जर के शीर्ष अधिकारी पहले ही भारत, वियतनाम, इंडोनेशिया और कुवैत जैसे एशियाई देशों में ठेके हासिल करने के लिए 39 लाख डॉलर रिश्वत देने का दोष स्वीकार कर चुके हैं।
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