नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने सोमवार को कहा कि पंजाब के गुरुदासपुर जिले में हुए आतंकवादी हमला राज्य में खालिस्तान आंदोलन को दोबारा शुरू करने की कोशिश है। उन्होंने पंजाब व केंद्र सरकार से अपील की कि इसे खत्म करने के लिए तत्काल कोई कदम उठाया जाए।
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने सोमवार को कहा कि पंजाब के गुरुदासपुर जिले में हुए आतंकवादी हमला राज्य में खालिस्तान आंदोलन को दोबारा शुरू करने की कोशिश है। उन्होंने पंजाब व केंद्र सरकार से अपील की कि इसे खत्म करने के लिए तत्काल कोई कदम उठाया जाए।
बिट्टू ने आईएएनएस को बताया, “गुरुदासपुर में आतंकवादी हमला देश के लिए गंभीर खतरा है। पिछले कुछ महीने से खालिस्तान आंदोलन दोबारा सिर उठाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन राज्य तथा केंद्र एजेंसियां लगातार इसकी अनदेखी कर रही हैं। इस हमले के बाद केंद्र तथा राज्य सरकार को ऐसे तत्वों से लड़ने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।”
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस, खालिस्तान और अन्य आतंकवादी संगठनों ने खालिस्तान आंदोलन के लिए हाथ मिला लिया है।
सांसद ने कहा, “कल (रविवार) पंजाब के मुख्यमंत्री ने खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की। पिछले कुछ महीने से गतिविधियां बढ़ गई थीं, लेकिन केंद्र तथा राज्य दोनों सरकार इससे सही तरीके से नहीं निपटे।”
बिट्टू ने कहा कि राज्य तथा केंद्र की गलत नीतियों के कारण खालिस्तान समर्थकों को उनके आंदोलन को दोबारा शुरू करने का अवसर दे दिया।
सांसद ने कहा, “केंद्र सरकार देश के विभिन्न जेलों से आतंकवादियों को पंजाब स्थांतरित कर रहे हैं। इसकी कोई जरूरत नहीं है। बेंगलुरू और बरेली से आतंकवादियों को पंजाब की जेलों में भेजा जा रहा है।”
कांग्रेस नेता ने पंजाब के बादल सरकार पर सूरत सिंह खालसा के प्रति नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जो सिख राजनीति बंदियों को रिहाई को लेकर जनवरी से भूख हड़ताल पर हैं।
उन्होंने कहा कि सूरत सिंह की मांग को स्वीकार करते हुए पंजाब सरकार ने कई राजनीतिक बंदियों को रिहा किया और सरकार की इस भूल ने खालिस्तान समर्थकों का मनोबल बढ़ाया है।
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