रामेश्वरम (तमिलनाडु), 29 जुलाई (आईएएनएस)। दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का पार्थिव शरीर बुधवार को हेलीकॉप्टर के जरिए मुदरै से मंडपम लाया गया। रामेश्वरम, मंडपम से करीब 22 किलोमीटर दूर है। यहां राज्य के मंत्रियों और अन्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सशस्त्र बलों ने भी कलाम को सलामी दी, जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से रामेश्वरम रवाना करने के लिए एक सैन्य ट्रक में रखा गया।
हिन्दुओं का तीर्थस्थल रामेश्वरम तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के अंतर्गत आता है। यह राज्य की राजधानी चेन्नई से करीब 600 किलोमीटर दूर है।
‘मिसाइल मैन’ के नाम से मशहूर महान वैज्ञानिक और शिक्षक कलाम को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी तादाद में लोग इंतजार कर रहे थे।
मंडपम में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि मौजूदा समय में कलाम जैसा एक भी नेता नहीं है, जिन्होंने लोगों विशेषकर युवाओं के दिलों में अपने लिए खास जगह बनाई।
कलाम के बड़े भाई के पोते ए.पी.जे.एम.के. शेख सलीम ने फोन पर आईएएनएस से कहा, “बड़ी संख्या में लोग कलाम के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर पहुंचे हैं। हमारे सभी रिश्तेदार भी उनकी अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए आए हुए हैं।”
कलाम का जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को रामेश्वरम में हुआ था और उनके शुरुआती दिन बड़े अभाव में बीते थे। उनका सोमवार को मेघालय की राजधानी शिलांग में भारतीय प्रबंधन संस्थान में एक व्याख्यान देते वक्त दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।
रामेश्वरम ही वही शहर है, जहां कलाम ने युवावस्था में अपने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए अखबार विक्रेता के रूप में भी काम किया था। उनके पिता के पास एक नौका थी और उनकी मां ने परिवार के भोजन और कपड़ों के लिए लगातार जद्दोजहद झेली थी।
कलाम ने जब रामेश्वरम छोड़ने और मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ाई करने का निर्णय लिया तो उनकी बहन ने अपने गहने गिरवी रखे, ताकि इसके लिए जरूरी 600 रुपये मिल जाएं।
सलीम ने बताया कि कलाम का पार्थिव शरीर बस स्टैंड के करीब एक स्थान पर रखा जाएगा, जहां लोग उनका अंतिम दर्शन कर पाएंगे और उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे।
उन्होंने कहा, “लोग आज (बुधवार) रात आठ बजे तक उन्हें श्रद्धांजलि दे पाएंगे, जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर मस्जिद वाली गली में स्थित उनके आवास ‘कलाम का घर’ में ले जाया जाएगा।”
सलीम ने बताया कि कलाम को गुरुवार सुबह 10.30 बजे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
रामेश्वरम के स्थानीय निवासी ए. जॉनसन ने आईएएनएस से कहा, “कलाम दुनिया को रामेश्वरम का एक तोहफा थे। यह दुखद है कि वह उपहार हमसे दूर हो गया।”
एक अन्य स्थानीय निवासी इनोजा ने कहा, “मेरे पास भावनाएं बयां करने के लिए कोई शब्द नहीं है। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि कलाम नहीं रहे। मुझे रूलाई आ रही है।”
इस बीच, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने एक बयान जारी कर कहा कि कलाम के परिजनों के अनुरोध पर सरकार ने उनके पार्थिव शरीर को दफनाने के लिए भूमि आवंटित की है।
रामेश्वर में कलाम की अंत्येष्टि के मौके पर मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में आम लोगों के उमड़ने का अनुमान है, जिसे देखते हुए यहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
रामेश्वरम के होटल संचालकों ने आईएएनएस को बताया कि सभी प्रमुख होटलों के कमरे दो दिन के लिए बुक हो गए हैं।
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