ग्वालियर, 29 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के उस आदेश का स्थानीय लोगों ने यहां पानी में खड़े होकर विरोध शुरू कर दिया है, जिसके तहत मुरार नदी के किनारे बने मकानों को तोड़ने का आदेश दिया गया है।
एनजीटी ने मुरार नदी के किनारे बने मकानों को तोड़ने का आदेश नगर निगम को दिया है। इन मकानों को 31 जुलाई तक तोड़ा जाना है। नगर निगम द्वारा कार्रवाई शुरू करने के पहले ही प्रभावितों ने बुधवार से आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रभावित होने वाले परिवार नदी के पानी में खड़े होकर विरोध कर रहे हैं।
आंदोलनकारी महिला, लीलावती का कहना है कि मुरार नदी के किनारे 300 मकान बने हैं, जिन्हें तोड़ा जाना है। प्रथम चरण में 40 मकानों को चिन्हित किया गया है। उनकी मांग है कि नगर निगम उनके विस्थापन के साथ मकान दें। उसके बाद ही वे आंदोलन खत्म करेंगी।
कांग्रेस नेता मुन्ना लाल गोयल ने कहा है कि वषरें से रह रहे परिवारों ने मकान बनाने पर लाखों रुपये खर्च किए हैं। उनके बिजली कनेक्शन भी हैं। अब उन्हें हटाया जा रहा है। सरकार को चाहिए कि वह प्रभावित परिवारों को विस्थापन नीति का पालन करते हुए भूमि व आवास मुहैया कराए।
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