याकूब को फांसी आतंकवाद से निपटने की दिशा में गलत कदम : एमनेस्टी

नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने कहा कि 12 मार्च, 1993 को मुंबई में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों के दोषी याकूब मेमन को फांसी दिया जाना आतंकवाद से निपटने की दिशा में गलत कदम है।

याकूब की दया याचिका राष्ट्रपति और विभिन्न न्यायालयों द्वारा खारिज कर दिए जाने के बाद उसे गुरुवार सुबह नागपुर केंद्रीय कारागार में फांसी दे दी गई।

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के कार्यकारी निदेशक आकार पटेल ने कहा, “आज सुबह (गुरुवार) भारत सरकार ने यह दर्शाने के लिए एक व्यक्ति को फांसी दे दी कि किसी को मारना गलत है।”

उन्होंने कहा, “इस फांसी से 1993 के मुंबई विस्फोटों का न्याय नहीं होगा। यह आतंकवादी वारदातों को रोकने की कोशिश के तहत एक गलत व गुमराह कदम है। यह प्रतिकार के एक साधन के रूप में आपराधिक न्याय व्यवस्था के इस्तेमाल का एक निराशाजनक उदाहरण भी है।”

उन्होंने कहा कि प्रशासन को जांच में सुधार या पीड़ित परिवारों की मदद के बजाय अपराधियों के लिए मृत्युदंड को बरकरार रखना अपराध से निपटने के अपने संकल्प के एक सांकेतिक साधन के रूप में अधिक आसान लगता है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493