मुंबई, 1 अगस्त (आईएएनएस)। फिल्म ‘बैंगिस्तान’ से बॉलीवुड में निर्देशकीय पारी शुरू करने जा रहे करण अंशुमान ने कहा कि वह एक फिल्म समीक्षक नहीं, बल्कि हमेशा से एक निर्देशक बनना चाहते थे।
अपनी फिल्म के बारे में संवाददाताओं से बातचीत करने के दौरान उन्होंने कहा, “मैं तब से एक फिल्म निर्देशक बनना चाहता था, जब कई साल पहले मैं एक फिल्म समीक्षक हुआ करता था। इस क्षेत्र में कैरियर बनाने के चक्कर में मैं फिल्म आलोचक बना। लेकिन मैं बचपन से ही एक निर्देशक बनना चाहता था।”
एक प्रमुख पत्रिका के लिए फिल्म आलोचक का काम करने वाले अंशुमान को नए स्टाइल में फिल्मों की समीक्षा के लिए जाना जाता है।
उन्होंने कहा, “मैंने बस कुछ समय के लिए ही फिल्मों के बारे में लिखने का फैसला लिया। मुझे सिनेमा खासकर भारतीय सिनेमा की बहुत सारी चीजों के बारे में वास्तविक समझ है, जैसे वर्तमान चलन, किस तरह की फिल्में लोग बना रहे हैं, दर्शक क्या पसंद करते हैं और क्या नहीं, मुझे क्या पसंद है और मुझे क्या बनाना चाहिए। इन सब चीजों ने मुझे अपनी पहली फिल्म बनाने में बेहद मदद की।”
dharmpath.com dharmpath