पानागढ़, 4 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पानागढ़ वायुसेना केंद्र (एएफएस) से पूर्वी क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की क्षमता बढ़ेगी।
वायुसेना के पूर्वी कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, एस.बी. देव ने एएफएस के पुनर्निर्मित रनवे का उद्घाटन करते हुए मंगलवार को कहा कि पानागढ़ एएफएस भारतीय सेना की गतिशीलता बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा, जो इसके माउंटेन स्ट्राइक कोर का नया मुख्यालय होगा।
देव ने एएफएस पानागढ़ में पुननिर्मित रनवे का उद्घाटन किया, जहां से भारतीय वायुसेना के सभी विमान उड़ान भर सकने में सक्षम हैं और पूर्वी वायु कमान के तहत यह एक महत्वपूर्ण वायुसेना अड्डा होगा।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान निर्मित वायुसेना का यह अड्डा कोलकाता से लगभग 112 किलोमीटर दूर बर्दवान जिले में स्थित है।
देव ने यहां कहा, “पानागढ़ वायुसेना अड्डा निश्चित रूप से ईस्टर्न एरिया ऑफ रेस्पांसिबिलिटी (एओआर) में सामरिक क्षमता में वृद्धि करेगा और साथ ही यह माउंटेन स्ट्राइक कोर की गतिशिलता में भी वृद्धि करेगा, जिसका केंद्र निकट भविष्य में पानागढ़ में होगा।”
उन्होंने कहा, “पानागढ़ को सी-130जे के अड्डे के तौर पर विकसित किया जा रहा है। टैंकर विविधता वाले बड़े विमानों को भी यहां उतारने की योजना है।”
देव ने कहा, “सी-130जे की उपस्थिति से बंगाल तथा इससे जुड़े इलाकों में एचएडीआर (मानव एवं आपदा राहत) में मदद मिलेगी।”
साल 1971 में हुए युद्ध के दौरान इस वायुसेना अड्डे को फिर से शुरू किया गया और यहां दो लड़ाकू विमानों सुखोई-7 तथा मिग-21 विमान को तैनात किया गया।
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