हैदराबाद, 11 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा मंगलवार को आहूत राज्यव्यापी बंद का आंशिक असर देखने को मिला।
राज्य में आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें सड़कों से नदारद रहीं और राज्य के कई हिस्सों में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शैक्षिक संस्थान बंद रहे।
राज्य में मुख्य विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस, वामपंथी दलों, जन संगठनों, छात्रों और वकीलों से जुड़े संगठनों ने दिनभर के बंद के समर्थन की घोषणा कर रखी थी।
बीते शनिवार को एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग करते हुए खुद को आग लगा ली थी, जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
भाकपा कार्यकर्ता सभी जिलों में आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस डिपो पर विरोध प्रदर्शन करने सुबह से ही सड़कों पर उतर आए। उन्होंने बसों को सड़कों पर आने से रोकने की कोशिश की जिसके कारण कई जगहों पर गिरफ्तारियां भी हुई और तनाव पैदा हो गया।
पुलिस ने विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, कुरनूल, राजामुंदरी, काकीनाड़ा तथा कई अन्य शहरों में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग के चलते पिछले कुछ दिनों से राज्य में विपक्षी दल विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दल केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में भागीदार होने के बावजूद राज्य के लिए न्याय दिला पाने में विफलता के लिए सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी(तेदेपा) पर निशाना साध रहे हैं।
तिरुपति में हुई आत्मदाह की घटना और जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए समय लिया है। नायडू 16 अगस्त को नई दिल्ली में मोदी से मुलाकात कर सकते हैं और उनसे राज्य को विशेष दर्जा देने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह कर सकते हैं।
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