नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल ने शुक्रवार को ‘वन रैंक वन पेंशन’ (ओआरओपी) की मांग को लेकर जून से ही धरनारत पूर्व सैनिकों को जंतर-मंतर से जबरन हटाए जाने की निंदा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व सैन्यकर्मियों की यह मांग मान लेने का आग्रह किया।
केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा, “पूर्व सैनिकों को जबरन जंतर-मंतर से हटाया गया? अजीब है। उन्होंने कल तक हमारी हिफाजत की और अब वे स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा के लिए खतरा हो गए?”
उन्होंने लिखा, “केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने एक साल के भीतर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के दूसरे कार्यकाल जैसा बर्ताव शुरू कर दिया है।”
‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग को लेकर पूर्व सैन्यकर्मी जंतर-मंतर पर 15 जून से ही क्रमिक भूख हड़ताल पर थे। शुक्रवार को पुलिस ने उन्हें जबरन धरनास्थल से हटा दिया।
केजरीवाल ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री से कल (स्वतंत्रता दिवस) लाल किले की प्राचीर से हमारे पूर्व सैनिकों के लिए ओआरओपी की मांग स्वीकार करने की घोषणा करने का आग्रह करता हूं।”
यदि ‘वन रैंक वन पेंशन’ लागू होती है, तो लगभग 25 लाख पूर्व सैन्यकर्मियों को इसका लाभ मिलेगा।
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