लखनऊ, 17 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार को विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, बिजली और किसानों की बदहाली के मुद्दे को लेकर सदन के भीतर जमकर हंगामा किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हंगामे के बीच अनुपूरक बजट पेश किया।
विपक्ष के हंगामे के चलते विधानभवन के दोनों सदनों (विधानसभा एवं विधान परिषद) की कार्यवाही अपराह्न् 12़ 20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा की बैठक दोबारा शुरू हुई तो मुख्यमंत्री ने हंगामे के बीच ही 19,824़ 98 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। मंगलवार को इस बजट पर चर्चा होगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 14 अगस्त से शुरू है।
सदन की बैठक सुबह शुरू होते ही खराब कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार सहित अन्य मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मुख्यमंत्री के सामने पोस्टर और बैनर लहराए और गुंडाराज समाप्त करने की मांग की।
विपक्ष के हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद भाजपा सदस्य सदन के बीच बैठ गए। सदन की कार्यवाही 11.20 बजे दोबारा शुरू हुई तो भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही फिर एक घंटे के लिए स्थगित कर दी।
इसके बाद भी जब विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए तो अध्यक्ष की अनुमति पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अनुपूरक बजट पेश किया।
विधानसभाध्यक्ष ने विपक्ष की एकजुटता देखकर कहा कि आज लगता है पूरा विपक्ष संगठित है।
अनुपूरक बजट में मेट्रो परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के लिए 220 करोड़ रुपये तथा एनआरआई विभाग के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है।
इस बीच भाजपा सदस्यों ने मेरठ में एक फौजी की हत्या के विरोध मे सदन में धरना दिया।
भाजपा के अध्यक्ष डॉ़ लक्ष्मीकान्त वाजपेयी ने दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनपर रासुका लगाने तथा पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। मुख्यमंत्री ने 10 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की घोषणा की है।
कांग्रेस ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर विधानसभा के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने कहा, “कांग्रेस ने तय कर रखा था कि विधानसभा नहीं चलने देंगे। राज्य में अराजकता का आलम है। मथुरा, मेरठ, सीतापुर, बाराबंकी, झांसी हर जग यही हालत है।”
बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को जमकर कोसा। इसके अलावा बसपा ने राज्य की कानून-व्यवस्था को हंगामे का मुद्दा बनाया। बसपा विधायकों ने अखिलेश यादव के सामने पोस्टर-बैनर लहराए।
गौरतलब है कि 18 अगस्त को अनुपूरक बजट की मांगों पर चर्चा होगी। इसके बाद 19, 20 और 21 अगस्त को अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।
dharmpath.com dharmpath