लंदन, 21 अगस्त (आईएएनएस)। लोगों को फैसला लेने में अक्सर कठिनाई पेश आती है। नए अध्ययन के मुताबिक, यह समस्या मस्तिष्क के दो हिस्सों में सूचनाओं के प्रवाह में बाधा आने की वजह से होता है, जो हमारी प्राथमिकताओं का प्रतिनिधित्व करता है।
स्विट्जरलैंड के युनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिक में न्यूरोइकोनॉमिस्ट क्रिश्चियन रूफ ने कहा, “हमने पाया है कि जब मस्तिष्क के दो हिस्सों के बीच सूचनाओं का प्रवाह बाधित होता है, तो प्राथमिकता आधारित फैसला लेने में कठिनाई महसूस होती है।”
शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए मस्तिष्क के गैर-इनवेसिव (बिना चुभाए) ट्रांसक्रेनियल अल्टरनेटिंग करंट स्टिमूलेशन का इस्तेमाल किया।
इस दौरान, प्रतिभागियों को महसूस नहीं हुआ कि उनके मस्तिष्क को उत्तेजित किया जा रहा है।
इस तकनीक का इस्तेमाल शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (ललाट के ठीक नीचे) तथा पेराइटिल कॉर्टेक्स (दोनों कान के ठीक ऊपर) के बीच सूचनाओं के प्रवाह को तेज या कम किया गया।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जब मस्तिष्क के इन दोनों हिस्सों के बीच सूचनाओं के प्रवाह में बाधा आती है, तो प्रतिभागी को फैसला लेने में कठिनाई होती है।
यह अध्ययन पत्रिका ‘नेचर कम्युनिकेशन’ में प्रकाशित हुआ है।
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