नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि हुर्रियत कांफ्रेंस को जरूरत से अधिक अहमियत नहीं देनी चाहिए, क्योंकि यह जम्मू एवं कश्मीर तथा भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।
कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज की मुलाकात को लेकर पाकिस्तान की जिद और भारत की आपत्ति के कारण वार्ता पर मंडरा रहे खतरे के बीच कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि हुर्रित को अहमियत देने की आवश्यकता नहीं है।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, “हमें हुर्रियत को जरूरत से अधिक अहमियत नहीं देनी चाहिए। उसका कोई महत्व नहीं है और न ही वह भारत एवं जम्मू एवं कश्मीर की जनता का प्रतिनिधित्व करता है।”
शर्मा ने कहा कि एनएसए स्तर की वार्ता को लेकर हाल में जो हालात सामने आए हैं, उससे कांग्रेस को दुख और शर्मिदगी हुई है।
उन्होंने कहा, “बीते कुछ दिनों में जिस तरह के हालात बने हैं, उसने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं। हम चिंतित हैं और इन हालातों से हमें दुख व शर्मिदगी हुई है।”
शर्मा ने कहा, “यह राष्ट्र की सुरक्षा, देश के गर्व और आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के मूल सिद्धांतों का मामला है। जब आतंकवाद का मुद्दा हो, तो भारत को एक सुर में बोलना होगा।”
उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि आज तक लोग यह नहीं जान पाए कि रूस के उफा में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष के बीच क्या समझौता हुआ।
उन्होंने कहा, “हम उफा समझौते का विस्तृत विवरण चाहते हैं। आज तक देश यह नहीं जान पाया कि भारत ने किस बात के लिए अपनी सहमति जताई थी।”
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