नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत रद्द करने के लिए हुर्रियत का इस्तेमाल कर रहा है।
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत रद्द करने के लिए हुर्रियत का इस्तेमाल कर रहा है।
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, “यह बिल्कुल स्पष्ट है। पाकिस्तान ने दो बड़े आतंकवादी हमलों से ध्यान भटकाया है। पाकिस्तान और वहां की सरकार जवाबदेह है, क्योंकि हमले उनकी जमीन से हुए थे।”
उन्होंने कहा, “हुर्रियत उनके लोग है, वे अपने एजेंटों को बातचीत के लिए बुला रहे हैं। ऐसा करके पूरी दुनिया में कश्मीर को रेखांकित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से ठीक पहले।”
शर्मा ने कहा, “उन्होंने निमंत्रण स्वीकारने में 22 दिन लगा दिए। उन्होंने इसे सीधे नहीं स्वीकारा, बल्कि पाकिस्तानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज की ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद वह इस पर सहमत हुए और उसके बाद घोषणा की गई कि वे भारत के साथ एनएसए बातचीत के लिए जा रहे हैं।”
शर्मा ने कहा, “उन्होंने बातचीत रद्द करने के लिए, प्रोपोगंडा करने के लिए और ध्यान भटकाने के लिए हुर्रियत का इस्तेमाल किया।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच उफा में हुई बातचीत के तत्काल बाद उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी, और इस तरह से नवाज शरीफ और हमें संदेश दिया कि समझौते पर उनकी सहमति नहीं है।”
क्या एनएसए वार्ता होनी चाहिए, इस सवाल पर शर्मा ने कहा, “पहली बात कि इसका कोई आधार नहीं था। उफा का बयान इसका आधार था। जब पाकिस्तान ने बातचीत की तिथि पर अपनी सम्मति देने में कई सप्ताह लगा दिए, इसका अर्थ यह होता है कि बातचीत में उनकी रुचि नहीं है।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “हमने मांग की है कि इसका आधार क्या था, क्या आश्वासन दिया गया था। और स्वीकार्य परिणाम और निष्कर्ष क्या है। आप निष्कर्ष के बगैर बातचीत नहीं कर सकते। सिर्फ अर्थपूर्ण बातचीत के जरिए ही आगे का रास्ता निकल सकता है।”
उन्होंने कहा, “जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं, जिसके साथ कोई समझौता नहीं हो सकता। हुर्रियत कांफ्रेंस को जरूरत से ज्यादा महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।”
शर्मा ने कहा, “एनएसए स्तर की वार्ता का प्रस्ताव पुराना है और संप्रग सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई थी। स्पष्ट कर दिया गया था कि जबतक मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपियों के खिलाफ कानूनी सुनवाई संतोषजनक निष्कर्ष तक नहीं पहुंच जाती, तबतक भारत एनएसए स्तर की बातचीत स्वीकार नहीं कर सकता।”
उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि आज तक लोग यह नहीं जान पाए कि रूस के उफा में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष के बीच क्या समझौता हुआ।
उन्होंने कहा, “हम उफा समझौते का विस्तृत विवरण चाहते हैं। आज तक देश यह नहीं जान पाया कि भारत ने किस बात के लिए अपनी सहमति जताई थी।”
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