सरयू नदी की तेज कटान से मंगलवार को छन्नू, राजरानी, सागर व छोटे के पक्के घर नदी की तेज धारा में समा गए। वहीं दूसरी ओर, सरयू नदी में संगीता, अमृत लाल, सुकई, ननकू, लीलादेवी, गोविंदे व कांशीराम के कच्चे घरों को भी निगल लिया। समूचे गांव को आगोश में ले रही सरयू नदी की कटान देखकर कल्लू पुत्र जंग बहादुर व प्रहलाद पुत्र जगदीश मिश्र ने अपने-अपने आशियानांे को तोड़ना शुरू कर दिया है।
राहत सामग्री व सहायता न मिलने से न नाराज कटान पीड़ितों ने गांव मंे ही धरना दिया। उधर, कटान और बालक की मौत की सूचना पाकर नानपारा सर्किल के एसडीएम धनश्याम, नायब तहसीलदार मो. जसीम राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और कटान से हो रही क्षति का आकलन किया। वैसे, आज सरयू व घाघरा नदियों के जलस्तर में कमी आई और दोनों नदियों के विकराल रूप में कमी दर्ज की गई।
एडीएम विद्या शंकर सिंह ने तहसील नानपारा अंतर्गत विकास खंड शिवपुर के कटान प्रभावित ग्राम नेवादा पूरे कस्बाती गढ़ीघाट का भ्रमण कर कटान से आवासहीन हुए 18 परिवारों को तिरपाल का वितरण किया तथा मौके पर मौजूद एसडीएम नानपारा घनश्याम को निर्देश दिया कि वे कटान प्रभावित परिवारों को तत्काल खाद्यान्न मुहैया कराया जाना सुनिश्चित करें।
सिंह ने पीड़ित परिवारों से उनकी अन्य समस्याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिया कि सभी पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
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