नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने प्रधानमंत्री के विशेष दूत के रूप में जिम्बाब्वे गणराज्य के राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें अफ्रीका समिट में आने निमंत्रण दिया।
राठौर ने प्रधानमंत्री के विशेष दूत के रूप में गुरुवार शाम हरारे में जिम्बाब्वे गणराज्य के राष्ट्रपति रॉबर्ट गेबरियल मुगाबे से मुलाकात की। इस अवसर पर राठौर ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मुगाबे को इस वर्ष अक्टूबर में दिल्ली में आयोजित होने वाले तीसरे भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया।
मुगाबे ने निमंत्रण को स्वीकार करते हुए आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री मोदी निकट भविष्य में जिम्बाब्वे का दौरा करेंगे। इससे पहले राठौर ने विदेश मंत्री सिम्बारसे एस. मुमबेनगेबी से भी मुलाकात की और विदेशमंत्री सुषमा स्वराज की ओर से उन्हें निमंत्रण दिया।
बैठक के बाद राठौर ने पत्रकारों से कहा कि इस वर्ष का शिखर सम्मेलन ऐतिहासिक होगा। भारत ने घनिष्ठ सबंध रखने वाले सभी अफ्रीकी देशों को निमंत्रण देने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
भारत-अफ्रीका प्रतिबद्धता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों से हमारे लंबे समय से घनिष्ठ संबध रहे हैं। भारत और अफ्रीका समान औपनिवेशिक शासनकाल से उबरे हैं और दीर्घकालिक विकास और सम्मिलित विकास दर के समान विचार साझा करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीका वैश्विक शासनप्रणाली, जलवायु परिवर्तन, विश्व व्यापार संगठन आदि के संबध में समान विचार साझा करते हैं।
जिम्बाब्वे के विदेशमंत्री से मुलाकात के दौरान राठौर ने कहा कि हाल के वर्षो में भारत ने क्षेत्र को सशक्त करने वाले मुद्दों पर अफ्रीका महाद्वीप के देशों के साथ गठजोड़ करने में अहम भूमिका निभाई है। इसमें छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और विकास कार्यो में सहायता जैसे कार्यो में सहयोग सम्मिलित है।
उन्होंने कहा कि महाद्वीप के देशों को ऋण सहायता और अनुदान प्रदान किए गए हैं। इन प्रतिबद्धताओं और प्रयासों से क्षेत्र और भारत के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग में उल्लेखनीय मजबूती आई है।
तीसरे भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन 29 अक्टूबर को नई दिल्ली में किया जा रहा है। इससे पहले 27 अक्टूबर को विदेशमंत्री स्तर और 26 अक्टूबर को वरिष्ठ अधिकारी स्तर की बैठकें होंगी।
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