यहां अगले सप्ताह होने जा रहे संसद अध्यक्षों के चौथे वैश्विक सम्मेलन में दुनियाभर के देशों के संसद अध्यक्ष मिलकर शांति और सतत विकास के समक्ष उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों से निपटने का रास्ता ढूढ़ने का प्रयास करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक विशेष बातचीत में चौधरी ने कहा कि चीन हमेशा से ही विकासशील देशों की पैरवी करता रहा है और ऐसे देशों को अधिक सशक्त करने के लिए प्रयत्नशील है।
उन्होंने कहा, “यदि चीन अफ्रीका में किसी देश के साथ खड़ा हो सकता है, एशिया में किसी देश के साथ खड़ा हो सकता है तो आप समझ सकते हैं कि चीन ऐसे देशों को विकसित करना चाहता है। इस पूरे वैश्कि विकास एजेंडे में चीन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होने जा रही है।”
दुनियाभर के देशों के संसद अध्यक्षों के इस सम्मेलन में सतत विकास के 17 एजेंडे (एसडीजी) हासिल करने पर जोर दिए जाने की संभावना है।
चौधरी ने कहा कि संघर्ष, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, लैंगिक समानता जैसे मुद्दों से चुनौतियां मिलती रहेंगी। सम्मेलन में इन मुद्दों से निपटने के रास्ते तलाशे जाएंगे।
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