अगरतला, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। देश में बुधवार को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन की हड़ताल का त्रिपुरा में व्यापक असर देखा जा रहा है। वाममोर्चा शासित पूर्वोत्तर राज्य में देशव्यापी बंद से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
राज्य में सरकारी एवं गैर सरकारी दफ्तर, दुकानें, बाजार, बैंक एवं शैक्षणिक संस्थान बुधवार को हड़ताल के मद्देनजर बंद हैं और सड़कों से वाहन के नदारद रहने से यातायात भी बंद है।
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) की कार्यकारी समिति के सदस्य तापस दत्ता ने आईएएनएस को बताया, “बंद पूरी तरह प्रभावी और सफल रहा है। राज्य के किसी भी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।”
पुलिस ने कहा कि राज्य में बंद शांतिपूर्ण है। देशव्यापी बंद 12 सूत्री मांगों के समर्थन में किया गया है, जिसके तहत श्रम कानून सुधार को रद्द करने एवं 15,000 रुपये प्रति माह न्यूनतम भत्ते की मांग शामिल है।
ट्रेड यूनियन रेलवे, बीमा और रक्षा क्षेत्रों में निजीकरण एवं विदेशी निवेश को रोकने और साथ ही कमोडिटी के सट्टा व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी संघ से मान्यता प्राप्त त्रिपुरा कर्मचारी समन्वय समिति ने राज्य में बुधवार को आहूत बंद का समर्थन किया है।
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