लखनऊ, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ सहित राज्य के कई जिलों में बुधवार को ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का व्यापक असर दिखा है। सुबह से ही बसें और अन्य परिवहन सेवाएं ठप हैं। बाजार तक बंद हैं।
हड़ताल का असर लखनऊ के अलावा कानपुर, गोरखपुर, बनारस, मेरठ, बरेली, आगरा आदि प्रमुख शहरों में भी देखने को मिला है।
कानपुर में मांगों को लेकर रोडवेज कर्मियों ने विरोध-प्रदर्शन किया। झकरकटी के पास हड़ताली कर्मचारियों ने जाम लगाया। प्रदर्शनकारियों ने रोडवेज बसअड्डे पहुंचकर जबरन बसें खाली करवाईं और कई बसों के टायरों की हवा भी निकाल दी, जिससे यात्रियों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
गोरखपुर में मंगलवार देर रात से ही रोडवेज बसें खड़ी रहीं। रोडवेज के चालक भी हड़ताल में शामिल हैं।
लखनऊ में दिन में जीपीओ में श्रमिक लालबाग तक जुलूस निकालने के साथ ही जवाहर भवन के गेट पर प्रदर्शन करेंगे। सेंट्रल ट्रेड यूनियन कर्मी चारबाग से हजरतगंज तक जुलूस निकाल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह और महामंत्री बजरंगबली यादव ने बताया कि उनका संगठन भी हड़ताल में शामिल है।
उन्होंने बताया कि सिंचाई, सहकारिता, स्वास्थ्य महानिदेशालय, पशुपालन, परिवार कल्याण, मत्स्य, ग्राम विकास, लघु सिंचाई, सूचना एवं जनसंपर्क, शिक्षा निदेशालय, आबकारी, निबंधन, ग्रामीण अभियंत्रण एवं जवाहर भवन-इंदिरा भवन के गेट पर सभाएं आयोजित की जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि देशभर के केंद्रीय श्रमिक संगठन न्यूनतम वेतन को 15 हजार रुपये करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।
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