नई दिल्ली, 4 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को शिक्षक दिवस से एक दिन पहले इस उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। उन्होंने यह कहते हुए शिक्षकों की प्रशंसा की कि शिक्षण बाकी पेशों से अलग है।
मोदी ने दिल्ली के मानेकशॉ ऑडिटोरियम में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम हमेशा चाहते थे कि उन्हें एक शिक्षक के रूप में याद किया जाए और उनका निधन भी छात्रों को व्याख्यान देते हुए हुआ।
कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी मौजूद थीं। इस मौके पर मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में एक यादगार सिक्का भी जारी किया।
मोदी ने कहा, “एक शिक्षक होना बाकी करियर की तरह नहीं है। यह एक अलग तरह का करियर होता है। मैं सभी शिक्षकों को सलाम करता हूं।”
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के कंधों पर बच्चों के भविष्य को संवारने की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा, “एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं हो सकता।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “नेतृत्व का गुण जरूरी है। आपको यह भी मालूम होना चाहिए कि आप नेता क्यों बनना चाहते हैं, मसलन सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए या फिर बदलाव लाने के लिए।”
इस दौरान मोदी ने शिक्षा में कला को बढ़ावा देने के लिए वेबसाइट ‘कला उत्सव’ भी लांच की।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों को प्यार एवं सम्मान देना चाहिए और शिक्षकों को भी बदले में विद्यार्थियों को प्यार देना चाहिए, जिससे पढ़ाई के प्रसार और जिंदगी कैसे जिएं, यह जानने में मदद मिलेगी।
मोदी ने शिक्षण को अन्य पेशों से अलग बताते हुए कहा, “पढ़ाना अन्य पेशों जैसा नहीं है। यह उससे बढ़कर और उससे आगे है।”
उन्होंने कहा कि अगर एक चिकित्सक एक महत्वपूर्ण सर्जरी करता है, तो उसकी तारीफ होती है, लेकिन 100 चिकित्सक तैयार करने वाले शिक्षक को याद नहीं रखा जाता।
मोदी ने कहा, “आज शिक्षकों को याद करने का वक्त है।” उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी अच्छे वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों के लिए एक शिक्षक होता है, जो एक अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा, “हमें शिक्षण के पेशे में जान फूंकने और यह जिस सम्मान एवं आदर की हकदार है, इसे देने की कोशिश करनी चाहिए।”
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