पुणे, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के छात्रों और केंद्र सरकार के बीच पिछले करीब तीन महीनों से जारी गतिरोध के बीच तीन छात्रों ने मामले के समाधान को लेकर गुरुवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
संस्थान के बाकी विद्यार्थी, शिक्षक और पूर्व छात्र न्याय की लड़ाई में जुटे हुए हैं। इस बीच संस्थान के पूर्व छात्रों और फिल्मकारों ने इस मामले में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील करने की बात कही है।
आंदोलन की कोर कमेटी के सदस्य रंजीत नायर ने आईएएनएस को बताया, “हम योजना के मुताबिक सबकुछ कर रहे हैं, ताकि सरकार हमारे साथ कम से कम बातचीत के लिए राजी हो। हम अपनी क्षमता के अनुसार अपनी कोशिशें जारी रखेंगे.. ताकि इस समस्या का आपसी सहमति से कोई समाधान निकाला जा सके।”
संस्थान के विद्यार्थियों के आंदोलन से इतर संस्थान से पढ़कर निकले मणिरत्नम, अदूर गोपालाकृष्णन, झानु बरुआ, दिबाकर बनर्जी, गिरीश कसारावली, रसुल पूकुट्टी जैसे विख्यात फिल्मकार मुंबई में संवाददाता सम्मेलनों के माध्यम से राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करेंगे।
नायर ने कहा, “मुंबई में गुरुवार को चार बजे एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जहां एफटीआईआई से पढ़कर निकले सभी विख्यात फिल्मकार एकजुट होंगे और राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील करेंगे।”
गौरतलब है कि एफटीआईआई के छात्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता गजेंद्र चौहान को संस्थान का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहे हैं।
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