‘विकास के स्थायी लक्ष्य बदलती दुनिया के अनुरूप’

संयुक्त राष्ट्र, 14 सितम्बर (आईएएनएस/सिन्हुआ)। संयुक्त राष्ट्र के एक पूर्व अधिकारी का मानना है कि विश्व संस्था का स्थायी विकास का बेहद महत्वाकांक्षी और रूपांतरणीय विचार बीते 15 साल में दुनिया में हुए बदलावों को बहुत मजबूती से परिलक्षित करता है।

संयुक्त राष्ट्र, 14 सितम्बर (आईएएनएस/सिन्हुआ)। संयुक्त राष्ट्र के एक पूर्व अधिकारी का मानना है कि विश्व संस्था का स्थायी विकास का बेहद महत्वाकांक्षी और रूपांतरणीय विचार बीते 15 साल में दुनिया में हुए बदलावों को बहुत मजबूती से परिलक्षित करता है।

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के पूर्व अतिरिक्त महासचिव और मौजूदा समय में कोलंबिया विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर ब्रूस जेंक्स का कहना है कि स्थाई विकास के लक्ष्यों को लेकर जोश दरअसल एक तेजी से बदलती दुनिया को पहचानने और उससे सामंजस्य बैठाने से जुड़ा हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों ने अगस्त में अगले 15 सालों में स्थायी विकास के प्रारूप पर सहमति जताई थी। इस प्रारूप को न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में होने वाले शिखर सम्मेलन में अनुमोदित किया जाएगा।

समझौता मुख्यत: इस बात पर केंद्रित है कि विश्व को गरीबी के खात्मे, समृद्धि और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए किस तरह मिलकर काम करना चाहिए।

जेंक्स ने कहा कि कभी कभी इस करार को संयुक्त राष्ट्र का एजेंडा समझने की भूल कर ली जाती है। ऐसा नहीं है। यह संयुक्त राष्ट्र नहीं बल्कि विश्व का एजेंडा है।

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