श्रीनगर, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में सोमवार को एक बगीचे से तीन युवकों के शव बरामद हुए। शव मिलने के बाद इलाके में लोग सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने कहा है कि शवों पर गोलियों और मारपीट के निशान हैं।
पुलिस का कहना है कि तीनों युवकों की मौत हिजबुल मुजाहिदीन और इससे अलग हुए आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लामी की आपसी दुश्मनी में हुई है।
तीनों युवकों के शव बारामूला जिले के शुरु (दंगेरपुरा) गांव में सेब के एक बगीचे से बरामद हुए। उनकी उम्र 17 से 21 साल के बीच बताई गई है।
एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “मारे गए एक युवकों में से एक की पहचान हर्दे शिवा (सोपोर) के आमिर मुहम्मद रेशी के रूप में हुई है। वह बीते कई दिनों से लापता था। माना जा रहा है कि वह हिजबुल मुजाहिदीन से अलग हुए कय्यूम नजर के नेतृत्व वाले संगठन में शामिल हो गया था। “
उन्होंने बताया, “हत्या के मामले की जांच जारी है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उससे लोगों को अवगत कराया जाएगा।”
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए बारामूला के जिला अस्पताल में भेजा है।
युवकों के शव मिलने के बाद सोपोर और बारामूला में प्रदर्शन हुए। दोनों ही जगहों पर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हुई। दोनों ही जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने दुकानों को बंद करा दिया। इसके साथ ही पट्टन और क्रीरी में प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर-मुजफ्फराबाद राजमार्ग को बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारी युवकों के हत्यारों को पकड़ने की मांग कर रहे थे।
सत्तारूढ़ पीडीपी ने तीनों युवकों की हत्या की निंदा की है और विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस से कहा है कि वह इस पर राजनीति न करे।
लश्करे इस्लामी अप्रैल-मई में उस वक्त चर्चा में आया था जब इसने उत्तरी कश्मीर में मोबाइल फोन टावरों को निशाना बनाया था। तीन लोगों की हत्या भी की थी। फोन आपरेटरों को धमकाने के लिए विस्फोट भी किए थे।
लश्करे इस्लामी का नेता कय्यूम नजर है। पुलिस इसकी तलाश में है।
हिजबुल मुजाहिदीन ने लश्कर की इन हरकतों की निंदा की थी और खुद को इस तरह के काम करने वालों से पूरी तरह अलग कर लिया था।
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