झाबुआ, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में हुए विस्फोट में 88 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार राजेंद्र कासवा अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में पुलिस ने कासवा के करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
ज्ञात हो कि शनिवार की सुबह पेटलावद के न्यू बस स्टेंड के करीब स्थित सेठिया होटल में गैस सिलेंडर फटने और उसके बाद होटल के करीब ही स्थित राजेंद्र कासवा के गोदाम में खनन कार्य के लिए रखे गए विस्फोटक पदार्थो में हुए विस्फोट में 88 लोगों की जान चली गई, जबकि 100 से अधिक घायल हो गए। इनमें कई की हालत अब भी गंभीर है। घायलों का इंदौर, रतलाम, धार के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
पुलिस अधीक्षक जी. जी. पांडे ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया, “अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है, लेकिन राजेंद्र के करीबियों से पूछताछ की जा रही है। राजेंद्र का अब तक पता नहीं चल पाया है।”
सूत्रों के अनुसार, कासवा को लेकर पुलिस के सामने दो तरह की बातें आ रही है। कुछ लोग विस्फोट स्थल पर उसकी मौजूदगी और इसके कारण उसे भी नुकसान पहुंचने की बात कह रहे हैं तो कुछ का कहना है कि घटना के बाद वह सपरिवार फरार हो गया, जिसमें एक प्रभावशाली नेता ने उसकी मदद की।
राजेंद्र कासवा पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी है, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली।
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