नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। सरकार अगले 20-25 साल को ध्यान में रखकर योजनाएं बना रही है और विभिन्न गतिविधियों और विभागों के लिए तीन से पांच साल की योजनाएं बना रही है। वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन ने यह बात गुरुवार को कही।
इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में निर्मला ने कहा, “लंबी अवधि की योजना 20-25 साल को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, जबकि हर गतिविधि के लिए तीन से पांच साल की योजना बनाई जा रही है।”
कुछ अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों ने उनसे 10 साल की योजना के बारे में पूछा था, जो राजनीतिक घटनाक्रमों से अप्रभावित रहे।
निर्मला ने कहा, “एक आम धारणा है कि दिल्ली में कुछ नहीं हो रहा है। हम पुरानी नीतियों से पैदा हुई बाधाएं और परिणामों को हटा रहे हैं।”
मंत्री ने कहा, “अवसंरचना और बिजली में हमारे निवेश के बाद निजी क्षेत्र से भी निवेश होगा। अगले 10 साल में हम औद्योगिक और माल ढुलाई गलियारे देखेंगे और महत्वाकांक्षी सागरमाला परियोजना के साथ कई और बंदरगाह देखेंगे।”
उन्होंने कहा, “अगले 10 साल में देश एक विनिर्माण हब बन जाएगा।”
व्यापार की सुविधा के बारे में उन्होंने कहा, “स्वपंजीकरण जैसी व्यवस्था के साथ एक नियामक के तौर पर सरकार एक कदम पीछे हटी है, मगर ऑनलाइन और कागज रहित प्रशासन से पहले लगने वाला लंबा समय कम हुआ है।”
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