नई दिल्ली, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। हरियाणा सरकार मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय को बताएगी कि वह पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए पात्रता मापदंड के रूप में शैक्षिक योग्यता को हटाने की इच्छुक है या नहीं।
राज्य में पंचायत चुनाव होने वाले हैं और इसकी प्रक्रिया आठ सितम्बर को शुरू हो चुकी है।
महान्यायवादी मुकुल रोहतगी ने सोमवार को न्यायमूर्ति जे.चेलमेश्वर और न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की पीठ को बताया कि वह अपने जबाव के साथ वापस आएंगे, क्योंकि उन्होंने पाया कि उम्मीदवारों के लिए 10वीं पास होने की शैक्षिक योग्यता पर न्यायालय को सख्त आपत्ति है।
हरियाणा पंचायती राज कानून में, पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए पात्रता मापदंड के रूप में शैक्षणिक योग्यता के अलावा आपराधिक पृष्ठभूमि न होना, बैंक का बकाया न होना और शौचालय होने की शर्त रखी है।
अदालत ने 17 सितंबर को हरियाणा पंचायती राज कानून के संशोधित प्रावधानों पर रोक लगा दी थी।
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