एसपीसी द्वारा जारी एक सर्कुलर के मुताबिक, जवाबदेही में कमी के कारण हाल में न्यायक्षेत्र में अन्याय के कई उदाहरण सामने आए हैं।
चीन के कानूनी अधिकारियों ने पहले ही कहा था कि सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अगर किसी भी प्रकार का उल्लंघन करते हैं, तो इसके लिए न्यायाधाशों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि चीन न्यायाधीशों व न्यायिक कर्मचारियों के खिलाफ उस सुनवाई की जांच कर रहा हैं, जिसमें 19 वर्षीय एक किशोर को गलती से फांसी की सजा दे दी गई थी। हुगजिल्त को हत्या व दुष्कर्म मामले में फांसी की सजा दे दी गई थी, लेकिन एक अन्य व्यक्ति द्वारा हत्यारा होने की बात स्वीकारने के बाद सजा को पलट दिया गया था।
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