कोलकाता, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। उत्तर बंगाल में अलग गोरखालैंड राज्य के लिए आंदोलन छेड़ने की एक बार फिर धमकी देने वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) की खुद की हालत ठीक नहीं है। पार्टी के एक विधायक त्रिलोक कुमार दीवान ने सोमवार को जीजेएम से इस्तीफा दे दिया।
कोलकाता, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। उत्तर बंगाल में अलग गोरखालैंड राज्य के लिए आंदोलन छेड़ने की एक बार फिर धमकी देने वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) की खुद की हालत ठीक नहीं है। पार्टी के एक विधायक त्रिलोक कुमार दीवान ने सोमवार को जीजेएम से इस्तीफा दे दिया।
दीवान ने कहा है कि जीजेएम पश्चिम बंगाल सरकार के साथ संपर्क के सभी सूत्र तोड़ रहा है और ऐसा करना खतरनाक साबित होगा।
इससे पहले शुक्रवार को जीजेएम के एक अन्य विधायक हरका बहादुर छेत्री ने पार्टी नेतृत्व पर निरंकुश रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। छेत्री कलीमपोंग से विधायक हैं।
जीजेएम ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर दार्जीलिंग के पर्वतीय क्षेत्रों का कामकाज संभालने के लिए गठित स्वायत्त गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के कामकाज में दखल देने और सहयोग न करने का आरोप लगाया है। जीजेएम ने कहा था कि इस दखंलदाजी के खिलाफ मोर्चा के तीनों विधायक विधानसभा से इस्तीफा देंगे।
लेकिन, दोनों विधायकों -छेत्री और दीवान- ने कहा कि पार्टी विधायकों के विधानसभा से इस्तीफा देने पर पार्टी नेतृत्व ने एकतरफा निर्णय ले लिया। उन्होंने पार्टी नेता बिमल गुरंग समेत पूरे पार्टी नेतृत्व पर निरंकुश रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
दीवान ने संवाददाताओं से कहा, “हम जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और राज्य सरकार का हिस्सा हैं। लेकिन, मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि संपर्क के नए सेतु बनाने की जगह हम मौजूदा सेतुओं को ही खत्म कर रहे हैं। यह दार्जीलिंग के लोगों के लिए बहुत खतरनाक बात है।”
दीवान ने सदन की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से कहा, “मैं आज (सोमवार को) पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं। मैंने विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।” उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि क्या वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं।
दूसरी ओर, इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि छेत्री तृणमूल कांग्रेस में शामिल होंगे। लेकिन, उन्होंने खुद इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया। छेत्री ने कहा कि वह जीजेएम छोड़ रहे हैं और निर्दलीय विधायक की तरह काम करेंगे।
जीजेएम के महासचिव रोशन गिरि ने आईएएनएस से कहा कि अभी पार्टी को दोनों विधायकों, दीवान या छेत्री के इस्तीफे के बारे में औपचारिक रूप से कोई सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलने पर ही पार्टी कुछ कहेगी।
तृणमूल नेता और उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देब ने कहा, “मामला दूसरी पार्टी का है, इसलिए इस पर मेरा कुछ कहना ठीक नहीं है। लेकिन दीवान और छेत्री दोनों ही योग्य विधायक और प्रशासक हैं। अगर वे तृणमूल में शामिल होना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।”
जीजेएम नेता बिमल गुरंग ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर बांटो और राज करो की नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र के लेपचा, भूटिया, तमांग और शेरपा आदिवासी समुदायों के लिए इसी नीति के तहत विकास निकायों का गठन कर रही है।
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