मरणासन्न अवस्था में पहुंचे वृद्ध व उसके पुत्र-पुत्री को लेकर ग्रामीणों के साथ परिजन थाना पहुंचे, जहां से उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में तैनात चिकित्सक ने वृद्ध का प्राथमिक उपचार कर उसे कानपुर के हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
ललौली थाना क्षेत्र के करेरा गांव निवासी लगभग 60 वर्षीय वृद्ध हंसराज अपने परिवार के साथ दरवाजे बैठा हुआ था। उसके पड़ोसी सतेंद्र ने अपनी भैंस उसकी चारपाई से सटाकर बांध दिया, जिसका उसने विरोध करते हुए कहा कि थोड़ा दूर बांधिए, जिससे भैंस की गंदगी ऊपर न आए। इतनी बात सुनकर सतेंद्र तो चुप रह गया, लेकिन गांव के ही धरम सिंह, बाबू सिंह व सुघर सिंह ललकारते हुए उसके दरवाजे पहुंचे और लाठी-डंडों से उस पर हमला बोल दिया। बीच-बचाव करने आई बेटी शांति (18) व बेटा नरेंद्र (21) आया तो उन्होंने उस पर भी प्रहार कर दिया।
घायलों की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोगों ने उनका बीच-बचाव किया, लेकिन तब तक वृद्ध हंसराज मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया। ग्रामीणों के सहयोग से परिजन उन्हें लेकर थाना पहुंचे, जहां पुलिस ने तहरीर लेते हुए तत्काल उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में पहुंचते ही फार्मासिस्ट बिलाल अहमद सिद्दीकी ने उनका उपचार शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद वृद्ध को कानपुर के लिए रेफर कर दिया। वृद्ध की हालत गंभीर बनी हुई है।
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