समाचार एजेंसी योनहप के मुताबिक, बुधवार को परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि फोक्सवैगन के मॉडल पहले हालांकि ईंधन क्षमता जांच में खरे पाए गए, फिर भी उसकी दोबारा जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस विषय पर पर्यावरण मंत्रालय से बात कर रहा है।
पर्यावरण मंत्रालय अगले महीने फोक्सवैगन के चार मॉडलों की दोबारा जांच करेगा, जिसमें गोल्फ, जेटा, बीटल और ऑडी ए3 शामिल हैं। ये मॉडल पहले स्थानीय उत्सर्जन जांच में खरे पाए गए थे।
योनहप के मुताबिक, यदि कंपनी ने उत्सर्जन मामलों में अन्य देशों की नियामकों को धोखा दिया है, तो उसे अपने वाहन वापस मंगवाने होंगे, जुर्माना भरना होगा और उनका प्रमाणपत्र रद्द होगा।
फोक्सवैगन पर अमेरिकी उत्सर्जन जांच को धोखा देने का आरोप लगा है। माना जा रहा है कि इस घोटाले के दायरे में दुनिया भर में बेची गई कंपनी की करीब 1.1 करोड़ कारें आती हैं।
इस वर्ष के प्रथम आठ महीनों में दक्षिण कोरिया के आयातित कार बाजार में फोक्सवैगन 15.61 फीसदी हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है। इस दौरान बीएमडब्ल्यू की 20.02 फीसदी और मर्सिडीज बेंज की 19.25 फीसदी हिस्सेदारी रही।
ऑडी की 12.56 फीसदी हिस्सेदारी को भी शामिल कर लिया जाए, तो फोक्सवैगन की बाजार हिस्सेदारी सर्वाधिक हो जाएगी।
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